रायपुर : राजधानी रायपुर में कमिश्नरेट पुलिस व्यवस्था लागू होने के बाद भी कुछ प्रतिष्ठानों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शहर के चर्चित अजोरा क्लब को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वहां निर्धारित समय सीमा के बाद भी देर रात तक गतिविधियां संचालित होती हैं। इसके साथ ही क्लब के अंदर कथित रूप से वेप-हुक्का उपलब्ध कराए जाने का वीडियो होने का दावा भी सामने आया है। इन आरोपों के बाद पुलिस और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार, क्लब संचालन को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आई हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अजोरा क्लब रात 12 बजे के निर्धारित समय के बाद भी करीब रात 2 बजे तक खुला रहता है। नियमों के अनुसार शहर में संचालित होने वाले क्लब, बार और अन्य मनोरंजन स्थलों के लिए प्रशासन द्वारा समय सीमा तय की जाती है, ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि किसी प्रतिष्ठान द्वारा तय समय सीमा का उल्लंघन किया जा रहा है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उनका कहना है कि सभी संस्थानों के लिए नियम समान होने चाहिए और किसी भी प्रतिष्ठान को नियमों से ऊपर नहीं माना जा सकता। वहीं, क्लब के अंदर कथित रूप से वेप-हुक्का परोसे जाने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि इससे संबंधित एक वीडियो सामने आया है, जिसमें क्लब परिसर के अंदर देर रात की गतिविधियां और कथित रूप से वेप-हुक्का का इस्तेमाल दिखाई देता है। हालांकि, वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिखाई दे रही गतिविधियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं कि क्लब के अंदर प्रतिबंधित गतिविधियां संचालित हो रही थीं या तय नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा लाइसेंस, संचालन अनुमति और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उपलब्ध वीडियो फुटेज, क्लब के सीसीटीवी कैमरे, प्रवेश रजिस्टर, कर्मचारियों और ग्राहकों से जुड़ी जानकारी सहित सभी संभावित साक्ष्यों की जांच की जाए। उनका कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
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नागरिकों का कहना है कि राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि किसी प्रतिष्ठान को देर रात तक नियमों के विपरीत संचालन की अनुमति मिलती है, तो इससे आम लोगों में असंतोष पैदा होता है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं। उन्होंने मांग की है कि जांच में यदि किसी भी तरह का नियम उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में भी सभी क्लबों और अन्य मनोरंजन स्थलों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर में कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे। फिलहाल अजोरा क्लब को लेकर लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक जांच या प्रशासनिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।



