Delhi SIR: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण अभियान यानी दिल्ली एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा अपेडट दिया है। दिल्ली में वोटर लिस्ट गहन पुनरीक्षण अभियान का शेड्यूल फिर बदल गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक अंतिम वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर के बजाय अब 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। वोटरों को सलाह दी है कि वे 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होने के बाद उसे देखें और अपने नाम और जानकारी की पुष्टि करें। भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को दिल्ली में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (एसआईआर) के कार्यक्रम में बदलाव किया है। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया के अहम चरणों को एक हफ्ते और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को आठ दिन के लिए टाल दिया गया है। मुख्य चुनाव कार्यालय ने वोटरों को सलाह दी है कि वे 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होने के बाद उसे देखें और अपने नाम और जानकारी की पुष्टि करें।
मुख्य चुनाव अधिकारी के बयान के अनुसार, दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि को बदलकर 31 अगस्त से 30 सितंबर कर दिया गया है। दावों और आपत्तियों का निपटारा जो 24 अगस्त से 22 अक्टूबर के बीच होना था, उसे अब 31 अगस्त से 29 अक्टूबर के बीच किया जाएगा। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, अंतिम वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर के बजाय 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के ऑफिस से बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि तारीखों में इसलिए बदलाव किया गया है क्योंकि पोलिंग स्टेशनों को सही ढंग से व्यवस्थित करने (रैशनलाइजेशन) का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इस प्रक्रिया के तहत यह पक्का करना है कि किसी भी पोलिंग स्टेशन पर 1200 से ज्यादा वोटर न हों। मुख्य चुनाव कार्यालय ने कहा कि जिन मतदाताओं ने अपने एन्यूमरेशन फ़ॉर्म जमा किए हैं वे 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होने के बाद उसमें अपना नाम देख सकेंगे। ड्राफ्ट लिस्ट को मुख्य चुनाव कार्यालय दिल्ली की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा।
तीसरी बार एसआईआर शेड्यूल में बदलाव
यह तीसरी बार है जब चुनाव अधिकारियों ने एसआईआर शेड्यूल में बदलाव किया है। पोलिंग स्टेशन रैशनलाइजेशन की समयसीमा 24 अगस्त तक बढ़ाई गई है। नई समयसीमा के तहत पोलिंग स्टेशनों के रैशनलाइजेशन और उन्हें फिर से व्यवस्थित करने का काम पहले 17 अगस्त तक पूरा होना था। अब इसे 24 अगस्त तक पूरा किया जाएगा। इसी तरह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) का प्रकाशन 24 अगस्त की बजाय अब 31 अगस्त को होगा।
दिल्ली में 1.45 करोड़ से ज्यादा मतदाता
जानकारी के मुताबिक दिल्ली में 1.45 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं अधूरे भरे हुए फॉर्म बांटने की गिनती की प्रक्रिया 30 जून से शुरू होकर 17 अगस्त को खत्म हुई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 97.52 लाख (67.21%) गिनती वाले फॉर्म जमा और डिजिटाइज किए गए। इससे 47.59 लाख (32.79%) वोटर ड्राफ्ट रोल से हटाए गए। दिल्ली के दक्षिण-पूर्व जिले में सबसे कम 56.38% डिजिटाइजेशन दर्ज किया गया, जबकि बाहरी उत्तरी जिले में सबसे ज्यादा 75.68% दर्ज किया गया।



