बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को बताया भ्रामक; पात्रा ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने बदलावों से जुड़े रिकॉर्ड देखने की बात कही है, जबकि चुनाव आयोग ने भी राहुल गांधी के दावे को ‘भ्रामक’ बताया है
नई दिल्ली। मतदाता पंजीकरण से जुड़े Form 6 को लेकर कांग्रेस, चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मंगलवार को बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 को गैरकानूनी घोषित नहीं किया है। उनके मुताबिक, अदालत ने याचिका में उठाए गए Form 6 में कथित बदलावों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करने की बात कही है।
यह विवाद उस समय बढ़ा जब सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि उसने Form 6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी थी। अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड देखने की बात कही, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित बदलाव किस स्तर पर और किसके अधिकार से किए गए।
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के दावे पर उठाए सवाल
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर जनता के सामने गलत अर्थ प्रस्तुत किया। उनका कहना था कि अदालत ने Form 6 को अवैध नहीं बताया, बल्कि मामले में उठे बदलावों की जांच के लिए रिकॉर्ड मांगे हैं।
बीजेपी नेता ने चुनाव आयोग के 26 सितंबर के स्पष्टीकरण का भी हवाला दिया। चुनाव आयोग का कहना है कि बिहार में SIR के दौरान Form 6 के साथ जुड़ी घोषणा को लेकर उसकी स्थिति अलग थी और आयोग ने Form 6 में मूल वैधानिक बदलाव किए जाने के आरोप को खारिज किया है।
कांग्रेस और बीजेपी के दावों में अंतर
इस पूरे विवाद में कांग्रेस का आरोप है कि Form 6 के डिजिटल संस्करण में बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के बदलाव किए गए और इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार ठहराया गया है। राहुल गांधी ने इसे लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के बयान को ‘भ्रामक’ बताते हुए कहा है कि बिहार में 24 जून 2025 को SIR का आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी हुआ था और सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में उस आदेश को बरकरार रखा था।
इसलिए मौजूदा स्थिति में यह कहना अधिक सटीक है कि सुप्रीम कोर्ट ने कथित संशोधित Form 6 को अपनी मंजूरी मिलने की बात से इनकार किया है और रिकॉर्ड की जांच का रास्ता खुला रखा है। Form 6 को स्वयं अदालत द्वारा ‘गैरकानूनी’ घोषित किए जाने का दावा उपलब्ध रिपोर्टों से पुष्ट नहीं होता।
कांग्रेस के चुनाव आयोग मार्च पर भी बीजेपी का हमला
संबित पात्रा ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन द्वारा चुनाव आयोग की ओर प्रस्तावित मार्च को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है और इस पूरे विवाद को राहुल गांधी की राजनीतिक छवि मजबूत करने से जोड़कर देखा जाना चाहिए। ये बीजेपी के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें कांग्रेस की ओर से स्वीकार किया जाना जरूरी नहीं है।
मामले में अब सुप्रीम कोर्ट की आगे की सुनवाई और चुनाव आयोग की ओर से पेश किए जाने वाले रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे। इन्हीं के आधार पर Form 6 में कथित बदलाव और उसकी प्रक्रिया को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।



