Navratri 2026 Preparation: नवरात्रि से पहले कर लें ये 7 काम, पूजा के दिनों में नहीं होगी भागदौड़
नई दिल्ली। नवरात्रि का पर्व शुरू होते ही घर का माहौल बदल जाता है। पूजा की तैयारी, माता की चौकी, व्रत-उपवास, प्रसाद और घर की सजावट—इन सबके बीच रोजमर्रा के काम भी चलते रहते हैं। ऐसे में अगर जरूरी चीजें पहले से व्यवस्थित कर ली जाएं तो नौ दिनों के दौरान काम का दबाव काफी कम किया जा सकता है।
नवरात्रि की तैयारी का मतलब केवल पूजा सामग्री खरीदना नहीं है। बेहतर तैयारी वह है जिसमें पूजा का स्थान, जरूरी सामान, सजावट और प्रसाद की योजना पहले से तय हो। इससे पूजा के समय ध्यान बार-बार सामान जुटाने की बजाय धार्मिक अनुष्ठान और परिवार के साथ समय बिताने पर रह सकता है।
1. पूजा स्थल को पहले ही व्यवस्थित कर लें
सबसे पहले घर के मंदिर या जिस स्थान पर नवरात्रि में पूजा होनी है, उसकी अच्छी तरह सफाई कर लें। चौकी, मंदिर की अलमारियां और पूजा सामग्री रखने वाली जगह को व्यवस्थित करें।
पुरानी या अनुपयोगी चीजें अलग कर दें और रोज इस्तेमाल होने वाली सामग्री एक जगह रखें। इससे नवरात्रि के दौरान पूजा करते समय सामान खोजने में समय नहीं जाएगा।
2. माता की चौकी की सजावट पहले तय करें
अगर घर में माता की चौकी सजाने की योजना है तो उसकी थीम और जरूरी सामान पहले ही तय कर लेना बेहतर रहेगा। चुनरी, साफ कपड़ा, बंदनवार, फूल, रोशनी और सजावट से जुड़ी वस्तुओं को एक साथ रख दें।
बहुत ज्यादा सजावट जरूरी नहीं है। साफ-सुथरी और व्यवस्थित चौकी भी घर के पूजा स्थल को सुंदर बना सकती है। जगह के अनुसार सजावट करने से अतिरिक्त खर्च भी नियंत्रित किया जा सकता है।
3. पूजा की सामग्री को एक किट में रखें
नवरात्रि के दौरान रोज अलग-अलग पूजा सामग्री निकालने से समय और मेहनत दोनों लगते हैं। इसके बजाय एक छोटी पूजा किट तैयार की जा सकती है।
इसमें रोली, अक्षत, मौली, कपूर, दीपक, अगरबत्ती और अन्य नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाली सामग्री रखी जा सकती है। जो वस्तुएं रोज नहीं चाहिए, उन्हें अलग सुरक्षित स्थान पर रखना बेहतर होगा।
4. कलश और अन्य जरूरी सामग्री की चेकलिस्ट बनाएं
कलश स्थापना से जुड़ी सामग्री की सूची पहले तैयार कर लें। घर में उपलब्ध वस्तुओं पर टिक लगा दें और केवल वही सामान खरीदें जिसकी वास्तव में जरूरत है।
नारियल, पत्ते, जौ और अन्य सामग्री के बारे में परिवार की पूजा-पद्धति के अनुसार पहले से जानकारी रखना उपयोगी रहेगा। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में नवरात्रि की परंपराएं अलग हो सकती हैं, इसलिए किसी एक सूची को हर घर के लिए अनिवार्य मानना जरूरी नहीं है।
5. फूल और सजावट के लिए आखिरी दिन का इंतजार न करें
फूलों की माला और ताजे फूल पूजा की सजावट में इस्तेमाल होते हैं, लेकिन रोज ताजे फूल खरीदना हर किसी के लिए सुविधाजनक नहीं होता।
नवरात्रि शुरू होने से पहले यह तय कर लें कि किन दिनों में ताजे फूल लेने हैं और कहां कृत्रिम फूल या अन्य सजावटी सामग्री इस्तेमाल की जा सकती है। इससे रोज की खरीदारी का काम कम हो सकता है।
6. दीये, लाइट और सजावटी सामान जांच लें
पिछली नवरात्रि या दूसरे त्योहारों में इस्तेमाल किए गए दीये, झालर और सजावट के सामान को पहले निकालकर देख लें। जो चीजें ठीक हैं, उन्हें साफ करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।
इलेक्ट्रिक लाइट का इस्तेमाल करने वाले लोग तार, प्लग और कनेक्शन भी पहले जांच लें। खराब या क्षतिग्रस्त सामान को इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
7. नौ दिनों के प्रसाद और भोजन की योजना बनाएं
नवरात्रि में सबसे ज्यादा समय कई बार इसी सोच में निकल जाता है कि रोज क्या बनाया जाए। इसका आसान तरीका है कि नौ दिनों के लिए एक सामान्य भोजन और प्रसाद प्लान पहले बना लिया जाए।
हर दिन अलग और जटिल व्यंजन बनाना जरूरी नहीं है। घर की पसंद, उपलब्ध सामग्री और व्रत के नियमों के अनुसार सरल विकल्प चुने जा सकते हैं।
अगर परिवार में अलग-अलग लोग अलग तरीके से व्रत रखते हैं, तो उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर पहले से खरीदारी करना और भी सुविधाजनक रहेगा।
तैयारी का फायदा सिर्फ समय बचाना नहीं है
त्योहारों की तैयारी पहले करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि जरूरी काम अलग-अलग दिनों में बांट जाते हैं। नवरात्रि शुरू होने के बाद एक साथ सफाई, खरीदारी, सजावट और पूजा की व्यवस्था करने का दबाव नहीं रहता।
इसके अलावा पहले से सूची बनाने से अनावश्यक खरीदारी कम हो सकती है। घर में पहले से मौजूद सामान का इस्तेमाल होने से खर्च भी नियंत्रित रहता है।



