दंतेवाड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा, वेन्यू-बुलेट की टक्कर में सहायक सचिव की मौत; एक गंभीर घायल
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा-बैलाडीला मार्ग पर सोमवार शाम हुए सड़क हादसे ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। कुम्हाररास के पास वेन्यू कार और बुलेट की जोरदार भिड़ंत में बुलेट सवार सहायक सचिव रमेश मरकाम की मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक पर सवार वीरेन सेठिया गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी।
कुम्हाररास के पास आमने-सामने हुई टक्कर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा सोमवार शाम करीब 4 से 4:30 बजे के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि वेन्यू कार बैलाडीला की ओर से दंतेवाड़ा आ रही थी, जबकि बुलेट पर सवार रमेश मरकाम और वीरेन सेठिया दंतेवाड़ा से बैलाडीला की तरफ जा रहे थे।
कुम्हाररास के पास दोनों वाहनों की भिड़ंत इतनी तेज हुई कि बाइक सवार दोनों लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए। हादसे में धनीकरका निवासी बताए जा रहे सहायक सचिव रमेश मरकाम की मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ मौजूद वीरेन सेठिया के पैर में गंभीर चोट लगने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल दुर्घटना किस वजह से हुई, यह पुलिस जांच का विषय है। इसलिए तेज रफ्तार, लापरवाही या किसी अन्य कारण को हादसे की अंतिम वजह मानना जल्दबाजी होगी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
टक्कर के बाद घटनास्थल पर आसपास के लोग जुट गए। सूचना मिलने पर दंतेवाड़ा थाना प्रभारी धनंजय सिन्हा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए सड़क पर यातायात को व्यवस्थित कराया।
गंभीर रूप से घायल वीरेन सेठिया को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं मृतक रमेश मरकाम के शव को भी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए अस्पताल भेजा गया।
हादसे की असली वजह जांच के बाद होगी स्पष्ट
पुलिस अब दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। हादसे के समय दोनों वाहन किस गति से चल रहे थे, सड़क की स्थिति कैसी थी और टक्कर किन परिस्थितियों में हुई—इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही दुर्घटना की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
सड़क हादसों में शुरुआती जानकारी अक्सर सीमित होती है। ऐसे मामलों में पुलिस की जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और वाहनों की स्थिति जैसे तथ्य दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियां समझने में महत्वपूर्ण होते हैं।
दंतेवाड़ा-बैलाडीला मार्ग पर सुरक्षा फिर चर्चा में
यह हादसा एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान खींचता है कि दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्र में प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। दंतेवाड़ा-बैलाडीला मार्ग पर स्थानीय यातायात के साथ भारी वाहनों की आवाजाही भी होती है। ऐसे मार्गों पर मोड़, दृश्यता, सड़क की चौड़ाई, वाहन गति और ट्रैफिक अनुशासन जैसे कारक दुर्घटना के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं।
हाल के दिनों में बस्तर संभाग के अलग-अलग हिस्सों में सड़क दुर्घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। मसलन, 25 सितंबर 2026 को रायपुर-बस्तर हाईवे-30 के मरकटोला घाट पर ट्रक और पिकअप की टक्कर में चार लोगों की मौत की खबर सामने आई थी।
इसलिए प्रत्येक गंभीर दुर्घटना के बाद केवल तत्काल राहत और कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि दुर्घटना वाले स्थान की सड़क सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
परिवार और स्थानीय क्षेत्र में शोक
सहायक सचिव रमेश मरकाम की सड़क दुर्घटना में मौत से उनके परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। वहीं घायल वीरेन सेठिया का उपचार जारी है।



