बिलासपुर में खौफनाक लूटकांड: कोरी डैम के जंगल में पर्यटकों को बनाया निशाना, 3 आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर जिले के कोटा इलाके में पर्यटन स्थल पर घूमने गए लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली लूट की घटना सामने आई है। कोरी डैम के आसपास जंगल में छिपे आरोपियों ने बैंककर्मी युवती और उसके दोस्त को रोककर मारपीट की और मोबाइल समेत सामान लूट लिया। पुलिस ने मामले में दो वयस्क आरोपियों के साथ एक नाबालिग को पकड़ा है।
घटना ने यह भी दिखाया कि लोकप्रिय पिकनिक और पर्यटन स्थलों से कुछ दूरी पर मौजूद सुनसान रास्ते अपराधियों के लिए आसान निशाना बन सकते हैं। खासतौर पर तब, जब पर्यटक समूह में होने के बावजूद ऐसे इलाकों में निगरानी और तत्काल पुलिस सहायता सीमित हो।
घूमने निकले थे, रास्ते में घेरकर किया हमला
23 सितंबर को बिलासपुर शहर की एक बैंककर्मी युवती अपने साथियों के साथ बैंक संबंधी काम से कोटा पहुंची थी। काम पूरा होने के बाद समूह ने कोरी डैम जाने का फैसला किया।
बताया गया कि इसी दौरान स्कूटी सवार तीन युवकों ने रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने युवती के दोस्त के साथ मारपीट की और उसका बैग तथा मोबाइल लेकर फरार हो गए।
ऐसी घटनाओं में नुकसान केवल छीने गए सामान तक सीमित नहीं रहता। सुनसान पर्यटन क्षेत्र में हिंसक तरीके से की गई लूट पर्यटकों की सुरक्षा की धारणा को प्रभावित करती है और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों पर भी असर डाल सकती है।
मोबाइल बेचने की कोशिश ने खोल दिया पूरा राज
वारदात के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर लूटे गए मोबाइल को अपने पास रखा और उसे बेचने के लिए ग्राहक तलाशने लगे। दूसरी तरफ पीड़िता की शिकायत के आधार पर कोटा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस और ACCU की टीम ने तकनीकी इनपुट के साथ स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई। जांच के दौरान नाका चौक के पास तीन युवकों के स्कूटी से घूमने और लूटे गए मोबाइल को बेचने की कोशिश करने की सूचना मिली।
इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया।
पूछताछ में सामने आई वारदात की कड़ी
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में कोटा के कुंवारीमुड़ा निवासी गुरजीत सिंह उर्फ बंटी और रतनपुर क्षेत्र के घासीपुर निवासी रामजी यादव शामिल हैं। इनके साथ एक नाबालिग को भी पकड़ा गया।
पूछताछ में तीनों ने लूट की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी जब्त की है।
दोनों वयस्क आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग को बाल संप्रेषण गृह भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
पर्यटन स्थलों की सुरक्षा अब सिर्फ मुख्य परिसर तक सीमित नहीं रह सकती
इस मामले का बड़ा सवाल यह है कि पर्यटन स्थल की सुरक्षा को किस दायरे में देखा जाए। अक्सर सुरक्षा का ध्यान मुख्य प्रवेश द्वार, पार्किंग या भीड़ वाले हिस्से तक रहता है, जबकि वहां पहुंचने वाले रास्तों और आसपास के जंगल क्षेत्र में निगरानी कम हो सकती है।
पर्यटन स्थलों की सुरक्षा के लिए रूट मैपिंग, संवेदनशील स्थानों की पहचान, नियमित पेट्रोलिंग और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था महत्वपूर्ण हो सकती है। जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर हो या रास्ते सुनसान हों, वहां सूचना बोर्ड और निर्धारित सुरक्षा गश्त पर्यटकों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए ऐसी घटनाएं यह तय करने का अवसर भी देती हैं कि पर्यटन सीजन या छुट्टियों के दौरान किन इलाकों में अतिरिक्त निगरानी की आवश्यकता है।
आगे जांच से कई सवालों के जवाब मिलेंगे
पुलिस की कार्रवाई से आरोपियों तक पहुंचने में तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना की भूमिका सामने आई है। हालांकि घटना के पूरे घटनाक्रम, आरोपियों की भूमिका और इलाके में ऐसी अन्य घटनाओं की संभावित कड़ी की पुष्टि जांच के आगे बढ़ने के बाद ही हो सकेगी।
पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोगों के लिए भी यह घटना एक व्यावहारिक सबक है—सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचना, शाम के बाद निर्जन इलाकों में सतर्क रहना और किसी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना देना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
कोरी डैम की यह घटना अब सिर्फ एक आपराधिक मामले तक सीमित नहीं है। यह सवाल भी छोड़ती है कि पर्यटन को बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों में पर्यटकों की सुरक्षा, पुलिस गश्त और संवेदनशील रास्तों की निगरानी को किस तरह मजबूत किया जाए।



