छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़े बदलाव की आहट, 12 IPS अफसरों के प्रमोशन की तैयारी; बिलासपुर-दुर्ग कमिश्नरी से बदलेगा समीकरण
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में आने वाले महीनों में एक साथ कई स्तरों पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पुलिस मुख्यालय में करीब 12 IPS अधिकारियों की पदोन्नति और संभावित तबादलों को लेकर प्रक्रिया पर काम चलने की खबर है। अधिकारियों की सीआर और जरूरी दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं तथा विभागीय प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की कवायद बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पदोन्नति प्रक्रिया दिसंबर के अंत तक पूरी होने की संभावना है।
इस संभावित फेरबदल की खास बात यह है कि इसे केवल कुछ अधिकारियों के प्रमोशन तक सीमित नहीं देखा जा रहा। पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पद, वरिष्ठ अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां और बिलासपुर-दुर्ग में प्रस्तावित पुलिस कमिश्नरेट जैसी व्यवस्थाएं भी आने वाले प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित कर सकती हैं।
2013 बैच के अधिकारियों के लिए DIG पद की तैयारी
विभागीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार 2013 बैच के जितेंद्र शुक्ला, मोहित गर्ग, भोजराम पटेल और अभिषेक पल्लव को DIG पद पर पदोन्नति दिए जाने की तैयारी है। इनमें जितेंद्र शुक्ला वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।
वहीं 2014 बैच के शलभ सिन्हा, भावना गुप्ता, डी. लालजी भाई पटेल और चंद्रमोहन सिंह के SSP पद पर पदोन्नत होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा रायपुर पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले को IG पद पर पदोन्नत किए जाने की चर्चा है। हालांकि अंतिम स्थिति विभागीय आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
केंद्र सरकार की IPS सिविल लिस्ट में भी 2013 और 2014 बैच के संबंधित अधिकारियों की सेवा संबंधी जानकारी दर्ज है, जिससे उनके बैच और कैडर संबंधी विवरण की पुष्टि होती है।
प्रमोशन के साथ पोस्टिंग बदलने का भी असर
पदोन्नति का सीधा असर सिर्फ संबंधित अधिकारी के पदनाम पर नहीं पड़ता। किसी अधिकारी के DIG या IG स्तर पर पहुंचने के बाद उसकी नई जिम्मेदारी तय करने के लिए उपलब्ध पदों और मौजूदा कमांड स्ट्रक्चर में बदलाव करना पड़ता है। यही वजह है कि प्रमोशन के साथ पोस्टिंग में फेरबदल की चर्चा भी तेज होती है।
रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह, दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल, खैरागढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह और सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल समेत कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना पर भी विचार चल रहा है। कुछ अधिकारियों के मौजूदा पद पर दो वर्ष से अधिक समय पूरा करने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
हालांकि इन नामों को लेकर अंतिम स्थिति आदेश जारी होने के बाद ही मानी जानी चाहिए।
बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई पर क्यों टिकी हैं नजरें?
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा प्रशासनिक पहलू पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ में रायपुर में जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू हो चुकी है। इसके बाद बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई में भी ऐसी व्यवस्था को लेकर चर्चा महत्वपूर्ण हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक बिलासपुर में कमिश्नरेट गठन की घोषणा पहले की जा चुकी है और इसके लिए आगामी बजट में प्रावधान की संभावना जताई जा रही है। दुर्ग-भिलाई को लेकर भी कमिश्नरेट व्यवस्था की चर्चा है।
कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने पर केवल किसी अधिकारी का पद बदलना पर्याप्त नहीं होता। इसके साथ पुलिस की प्रशासनिक संरचना, अधिकारों का वितरण, अलग-अलग शाखाओं की भूमिका और शहरी कानून-व्यवस्था के संचालन का ढांचा भी बदलता है। इसलिए ऐसे फैसले के लिए पदों और अधिकारियों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
रायपुर मॉडल के बाद अगला विस्तार?
जनवरी में रायपुर को राज्य का पहला पुलिस कमिश्नरेट मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों का ढांचा भी बदला था। उस समय संजीव शुक्ला को पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया था और कई IPS अधिकारियों का स्थानांतरण हुआ था।
इसके बाद जुलाई 2026 में भी राज्य में बड़े स्तर पर IPS तबादले हुए, जिसमें 24 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई थीं और 12 जिलों के SP बदले गए थे।
इस पृष्ठभूमि में अब प्रस्तावित प्रमोशन और तबादलों को पुलिस प्रशासन की व्यापक पुनर्संरचना के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है—हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि हर प्रस्तावित बदलाव सीधे कमिश्नरेट गठन से जुड़ा है।
आगे क्या होगा?
अगले कुछ महीनों में तीन घटनाक्रम सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रहेंगे—पहला, IPS अधिकारियों की पदोन्नति पर अंतिम निर्णय; दूसरा, पदोन्नति के बाद नई पदस्थापनाओं का निर्धारण; और तीसरा, बिलासपुर व दुर्ग-भिलाई में कमिश्नरेट को लेकर सरकार की औपचारिक प्रक्रिया।
यदि कमिश्नरेट व्यवस्था के लिए बजट में प्रावधान किया जाता है, तो उसके बाद प्रशासनिक ढांचे और अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर अलग से निर्णय की जरूरत होगी। वहीं प्रमोशन प्रक्रिया पूरी होने पर वरिष्ठ स्तर पर खाली होने वाले पदों की श्रृंखला भी नई पोस्टिंग का आधार बन सकती है।



