टीम इंडिया के साथ जुड़ा Muthoot Fincorp का नाम, 4.85 करोड़ प्रति मैच की डील से बदलेगा स्पॉन्सरशिप का खेल?
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में मैदान पर मुकाबले जितने महत्वपूर्ण हैं, मैदान के बाहर का कमर्शियल बाजार भी उतना ही बड़ा हो चुका है। इसी कड़ी में Muthoot Fincorp ने भारतीय क्रिकेट के टाइटल स्पॉन्सरशिप अधिकार हासिल किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी अगले दो साल तक भारत में खेले जाने वाले अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मुकाबलों के टाइटल अधिकारों से जुड़ेगी। इस स्पॉन्सरशिप को ‘Blue Muthoot’ नाम से जोड़े जाने की बात सामने आई है।
रिपोर्टों के अनुसार डील की बेस कीमत 4.85 करोड़ रुपये प्रति मैच बताई जा रही है। हालांकि यह अंतिम राशि है या नहीं, इसकी पुष्टि BCCI की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी। यही वजह है कि फिलहाल इस रकम को तय भुगतान के बजाय रिपोर्ट की गई बेस प्राइस के तौर पर देखना उचित होगा।
2028 तक भारतीय क्रिकेट से जुड़ा रहेगा ब्रांड
मौजूदा जानकारी के मुताबिक यह अधिकार 31 मार्च 2028 तक के लिए हैं। इस अवधि में भारत में करीब 35 घरेलू अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जाने का अनुमान है। इनमें लगभग 10 टेस्ट, 12 वनडे और 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल होंगे।
इसका मतलब है कि Muthoot Fincorp को केवल किसी एक बड़ी सीरीज के दौरान नहीं, बल्कि अलग-अलग फॉर्मेट में भारतीय क्रिकेट के साथ ब्रांड विजिबिलिटी हासिल करने का मौका मिलेगा।
क्रिकेट में टाइटल स्पॉन्सर का नाम मैच के नाम, प्रसारण, डिजिटल कवरेज और प्रचार सामग्री में लगातार दिखाई देता है। इसलिए इसका व्यावसायिक प्रभाव सिर्फ स्टेडियम में लगे किसी विज्ञापन तक सीमित नहीं रहता।
4.85 करोड़ का आंकड़ा क्यों चर्चा में है?
अगर रिपोर्ट की गई 4.85 करोड़ रुपये की बेस कीमत को 35 मुकाबलों के अनुमानित पैकेज से गुणा किया जाए, तो कुल राशि करीब 169.75 करोड़ रुपये बैठती है। हालांकि यह केवल गणितीय अनुमान है, अंतिम करार की वास्तविक राशि नहीं।
यहां एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि रिपोर्टों में अंतिम कीमत बेस प्राइस से कम होने की संभावना का उल्लेख किया गया है। इसलिए BCCI के आधिकारिक ऐलान के बिना करीब 170 करोड़ रुपये को डील की पक्की कुल रकम मानना सही नहीं होगा।
Muthoot Fincorp के लिए सिर्फ विज्ञापन नहीं, ब्रांड पहचान का मौका
भारतीय क्रिकेट के साथ जुड़ने का सबसे बड़ा असर ब्रांड की पहुंच पर पड़ सकता है। टेस्ट से लेकर टी20 तक अलग-अलग दर्शक वर्ग मौजूद हैं और भारत के घरेलू मुकाबलों का प्रसारण देश के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी देखा जाता है।
Muthoot Fincorp के लिए यह साझेदारी वित्तीय सेवाओं के बाजार में ब्रांड पहचान को मजबूत करने का एक माध्यम बन सकती है। खासकर ऐसे समय में जब वित्तीय कंपनियां केवल पारंपरिक विज्ञापन की जगह खेल, मनोरंजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने पर जोर दे रही हैं।
BCCI के लिए भी स्पॉन्सरशिप बाजार का संकेत
BCCI दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बाजारों में से एक का संचालन करता है। टीम इंडिया की लोकप्रियता और घरेलू अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर की नियमितता टाइटल स्पॉन्सरशिप को कंपनियों के लिए आकर्षक बनाती है।
नए स्पॉन्सर का जुड़ना यह भी दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट के कमर्शियल अधिकारों में कॉरपोरेट ब्रांडों की रुचि बनी हुई है। हालांकि किसी एक डील से पूरे बाजार की दिशा तय करना जल्दबाजी होगी। वास्तविक तस्वीर तब स्पष्ट होगी जब BCCI आधिकारिक तौर पर करार की शर्तें, कुल मूल्य और अधिकारों का विस्तृत विवरण सामने रखेगा।
अगले दो साल में बढ़ सकती है ब्रांडिंग की प्रतिस्पर्धा
2028 तक का यह करार भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग फॉर्मेट में ब्रांड को लगातार दिखाई देने का अवसर देगा। यदि साझेदारी से कंपनी को व्यावसायिक लाभ और मजबूत ब्रांड रिकॉल मिलता है, तो भविष्य में खेल प्रायोजन के क्षेत्र में ऐसी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है।
दूसरी ओर BCCI के लिए भी चुनौती यही होगी कि वह भविष्य की स्पॉन्सरशिप डील में भारतीय क्रिकेट की बढ़ती डिजिटल पहुंच, दर्शकों की संख्या और अलग-अलग फॉर्मेट की व्यावसायिक वैल्यू को किस तरह कीमत में बदलता है।



