रायपुर। मोबाइल कनेक्शन को लेकर दूरसंचार विभाग (DoT) ने यूजर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग की एडवाइजरी के मुताबिक अपने पहचान दस्तावेजों पर जारी SIM कार्ड को किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देना, बेचना या किराये पर उपलब्ध कराना गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। खास तौर पर फर्जी पहचान, दस्तावेजों के दुरुपयोग या मोबाइल कनेक्शन के जरिए होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
दूरसंचार नियमों के तहत फर्जी दस्तावेजों से मोबाइल कनेक्शन हासिल करना, किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करना अथवा मोबाइल डिवाइस के IMEI से छेड़छाड़ जैसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान बताया गया है। कुछ मामलों में तीन साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
छत्तीसगढ़ में सामने आया SIM से जुड़ा मामला
SIM के गलत इस्तेमाल को लेकर छत्तीसगढ़ में सामने आया एक मामला भी चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 410 से अधिक अतिरिक्त SIM कनेक्शन जारी किए जाने का मामला सामने आया था। आरोप है कि कुछ लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल उनकी जानकारी के बिना अतिरिक्त मोबाइल कनेक्शन हासिल करने में किया गया और बाद में इन नंबरों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया गया।
पुलिस की कार्रवाई में इस मामले से जुड़े एक आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। जांच में SIM जारी करने की प्रक्रिया में बायोमेट्रिक सत्यापन के कथित दुरुपयोग की बात भी सामने आई। पुलिस के अनुसार कुछ अतिरिक्त SIM दूसरे लोगों तक पहुंचाए गए थे।
एक व्यक्ति के नाम पर कितने SIM हो सकते हैं?
सरकारी नियमों के मुताबिक सामान्य परिस्थितियों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रखने की सीमा है। वहीं जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में यह सीमा 6 कनेक्शन निर्धारित है।
सरकार ने मोबाइल कनेक्शनों की निगरानी और संदिग्ध कनेक्शनों की पहचान के लिए डिजिटल सिस्टम को भी मजबूत किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दूरसंचार कंपनियों को सरकारी प्लेटफॉर्म के साथ अपने सिस्टम को जोड़ने के लिए 30 नवंबर 2026 तक की समय-सीमा दी गई है।
अपने नाम पर जारी SIM की जांच करें
मोबाइल यूजर्स को समय-समय पर यह जांच लेना चाहिए कि उनके पहचान दस्तावेजों पर कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं। अगर कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे उन्होंने कभी जारी नहीं कराया या इस्तेमाल नहीं किया, तो उसकी शिकायत संबंधित दूरसंचार कंपनी और सरकारी माध्यम से की जा सकती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने नाम पर जारी SIM किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। क्योंकि उस नंबर से होने वाली किसी संदिग्ध गतिविधि की जांच के दौरान कनेक्शन किसके नाम पर है, यह महत्वपूर्ण जानकारी बन सकती है।



