छत्तीसगढ़ में NSS का राज्य स्तरीय स्थापना दिवस समारोह 24 सितंबर को, CM विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि
रायपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) केवल कॉलेज स्तर पर होने वाली गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को समाज के साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इसी सोच को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ में 24 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय सेवा योजना का राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग के NSS प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित यह समारोह गुरुवार को दोपहर 12 बजे रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में होगा। आयोजन में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से NSS स्वयंसेवकों और अधिकारियों की भागीदारी रहेगी।
युवाओं की भागीदारी पर रहेगा फोकस
NSS की गतिविधियों का दायरा महज औपचारिक कार्यक्रमों तक नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सामाजिक सरोकार और आपदा जैसी परिस्थितियों में स्वयंसेवी भागीदारी के जरिए विद्यार्थी समाज से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ते हैं।
ऐसे में स्थापना दिवस जैसे आयोजन स्वयंसेवकों के लिए अपनी गतिविधियों और अनुभवों को साझा करने का अवसर भी देते हैं। साथ ही बेहतर काम करने वाले स्वयंसेवकों और संबंधित लोगों को सम्मानित किए जाने से सामाजिक सेवा के प्रति युवाओं की रुचि को प्रोत्साहन मिल सकता है।
समारोह की अध्यक्षता करेंगे टंक राम वर्मा
कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ सरकार में उच्च शिक्षा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास विभाग के मंत्री टंक राम वर्मा करेंगे। समारोह में रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत और राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय, भोपाल के उप-कार्यक्रम सलाहकार एवं क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक कुमार श्रोती भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में राज्यभर से पहुंचे NSS स्वयंसेवक और अधिकारी भी शामिल होंगे।
सम्मान समारोह से बढ़ेगा स्वयंसेवकों का उत्साह
NSS जैसी पहल की वास्तविक उपयोगिता इस बात से तय होती है कि विद्यार्थी अपने शैक्षणिक जीवन के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को किस तरह जोड़ते हैं। सम्मान समारोह में स्वयंसेवकों और संबंधित योगदानकर्ताओं को पहचान मिलना इस दिशा में प्रेरक भूमिका निभा सकता है।
विशेष रूप से उच्च शिक्षा संस्थानों में NSS गतिविधियों को केवल प्रमाणपत्र या अनिवार्य गतिविधि के बजाय सामाजिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के माध्यम के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है। इससे विद्यार्थियों में टीमवर्क, समस्या समाधान, सामुदायिक संवाद और जिम्मेदारी की समझ विकसित हो सकती है।
स्थापना दिवस से आगे की चुनौती
एक दिवसीय समारोह के बाद NSS की गतिविधियां लगातार जमीन पर दिखाई दें, यही ऐसे आयोजनों की बड़ी कसौटी होगी। छत्तीसगढ़ जैसे भौगोलिक और सामाजिक विविधता वाले राज्य में स्थानीय जरूरतों के अनुसार स्वयंसेवी कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी तरीके से जोड़ना महत्वपूर्ण हो सकता है।
आने वाले समय में NSS के माध्यम से युवाओं की भागीदारी को शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों से जोड़ने पर स्वयंसेवी नेटवर्क का प्रभाव और व्यापक हो सकता है।



