बारिश के बाद बढ़ी फंगल इंफेक्शन की परेशानी
बेंगलुरु। बारिश के बाद बढ़ी नमी और उमस ने त्वचा से जुड़ी एक पुरानी समस्या को फिर चर्चा में ला दिया है। बेंगलुरु में त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक इस मौसम में दाद, रिंगवर्म और पैरों में होने वाले फंगल संक्रमण के मरीज बढ़े हैं। चिंता केवल मरीजों की संख्या को लेकर नहीं है, बल्कि ऐसे मामलों को लेकर भी है जो सामान्य एंटीफंगल दवाओं से अपेक्षित तेजी से ठीक नहीं हो रहे।
इसे केवल मौसम की समस्या समझना अधूरा होगा। भारतीय त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी, पसीना, नमी, शरीर के हिस्सों को ढककर रखने वाले कपड़े और संक्रमित व्यक्ति या उसके इस्तेमाल की वस्तुओं के संपर्क से dermatophytosis फैल सकता है। IADVL के अनुसार tropical climate, humidity, excessive sweating और tight clothing फंगल संक्रमण के जोखिम को बढ़ाते हैं।
हर बार दवा काम न करे तो कारण केवल ‘जिद्दी इंफेक्शन’ नहीं
बेंगलुरु के ESIC Model Hospital, राजाजीनगर के वरिष्ठ त्वचा विशेषज्ञ डॉ. एम.एस. गिरिश ने स्थानीय स्तर पर बढ़ते मामलों की जानकारी देते हुए बताया कि उनके OPD में प्रतिदिन करीब 120 मरीज आते हैं, जिनमें लगभग 30 फंगल संक्रमण से पीड़ित होते हैं। उनके अनुसार करीब 30 प्रतिशत मामलों में सामान्य दवाओं से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलती।
ऐसे आंकड़ों को पूरे शहर या देश की स्थिति का प्रतिनिधि आंकड़ा नहीं माना जा सकता, लेकिन व्यापक चिकित्सा साहित्य में antifungal-resistant dermatophytosis एक वास्तविक समस्या के रूप में दर्ज है। CDC के अनुसार दक्षिण एशिया में Trichophyton indotineae जैसे फंगस के कारण terbinafine-resistant संक्रमण सामने आए हैं और ऐसे मरीजों में उपचार लंबा तथा कठिन हो सकता है।
सबसे बड़ी गलती: खुजली गई तो क्रीम बंद
फंगल इंफेक्शन में एक आम समस्या यह है कि लालिमा और खुजली कम होते ही लोग उपचार रोक देते हैं। IADVL स्पष्ट रूप से सलाह देता है कि दवा डॉक्टर की सलाह के अनुसार पर्याप्त अवधि तक इस्तेमाल की जाए और खुद से OTC क्रीम खरीदकर उपचार न किया जाए।
भारतीय त्वचा विशेषज्ञ साहित्य में “Rule of Two” की सलाह दी गई है—टॉपिकल एंटीफंगल को प्रभावित हिस्से से लगभग 2 सेंटीमीटर बाहर तक लगाया जाए और संक्रमण के दिखाई देने वाले लक्षण खत्म होने के बाद भी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार जारी रखा जाए। IADVL के dermatophytosis review में twice-daily application और clinical resolution के बाद दो सप्ताह तक जारी रखने की सिफारिश दर्ज है।
स्टेरॉयड वाली ‘फटाफट राहत’ वाली क्रीम से सावधान
IADVL के अनुसार स्टेरॉयड-एंटीफंगल combination वाली क्रीम लक्षणों में थोड़े समय के लिए राहत दे सकती हैं, लेकिन इससे संक्रमण छिप सकता है और लंबे समय में समस्या बिगड़ सकती है। संगठन मरीजों को ऐसी क्रीम बिना डॉक्टर की सलाह के OTC खरीदने से साफ तौर पर मना करता है।
CDC ने भी emerging resistant ringworm के संदर्भ में topical antifungal-corticosteroid combinations, अनुचित prescription, OTC दवाओं के गलत इस्तेमाल और उपचार अधूरा छोड़ने को resistance तथा treatment failure से जुड़े संभावित कारकों में शामिल किया है।
संक्रमण लौटता क्यों है?
दाद ठीक होकर फिर लौट आए तो हमेशा यह मान लेना सही नहीं कि फंगस दवा-प्रतिरोधी हो गया है। IADVL के अनुसार अधूरा उपचार, परिवार के अन्य संक्रमित सदस्य का इलाज न होना, कपड़े या तौलिये साझा करना, अत्यधिक पसीना और दोबारा exposure भी recurrence का कारण बन सकते हैं।
इसीलिए बचाव में त्वचा को सूखा रखना, पसीने के बाद कपड़े बदलना, ढीले और सूती कपड़े पहनना, तौलिया या कपड़े साझा न करना और जरूरत पड़ने पर घर के संक्रमित संपर्कों का भी इलाज कराना महत्वपूर्ण है।
बढ़ती antifungal resistance का मतलब यह नहीं कि सामान्य फंगल संक्रमण का इलाज संभव नहीं है। लेकिन संदेश स्पष्ट है—खुद से क्रीम बदलना, स्टेरॉयड वाली क्रीम लगाना या लक्षण खत्म होते ही इलाज रोक देना समस्या को लंबा खींच सकता है। सही पहचान, पर्याप्त उपचार और स्वच्छता ही बार-बार होने वाले संक्रमण के जोखिम को कम करने की सबसे व्यावहारिक रणनीति है।



