रायपुर में त्योहारों से पहले स्ट्रीट लाइट पर सख्ती,
रायपुर। गणेश उत्सव के बाद अब नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े पर्वों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस दौरान शहर की सड़कों पर देर रात तक लोगों की आवाजाही बढ़ती है। ऐसे समय में खराब या बंद स्ट्रीट लाइट सिर्फ सुविधा का मामला नहीं रहती, बल्कि सड़क सुरक्षा, पैदल आवाजाही और सार्वजनिक स्थानों की निगरानी से भी जुड़ जाती है। इसी को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने मुख्य मार्गों की प्रकाश व्यवस्था को लेकर विद्युत विभाग और जोन स्तर की टीमों को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं।
17 सितंबर 2026 की नगर निगम संबंधी रिपोर्ट के अनुसार महापौर मीनल चौबे ने निगम मुख्यालय में विद्युत विभाग और सभी जोनों की विद्युत टीमों के साथ बैठक में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने मुख्य मार्गों पर बंद लाइटों को तत्काल ठीक कराने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रायपुर नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट भी मीनल चौबे को वर्तमान महापौर के रूप में दर्ज करती है।
रात के निरीक्षण पर रहेगा जोर
महापौर ने जोन की विद्युत शाखाओं को केवल शिकायत आने का इंतजार करने के बजाय रात में मुख्य मार्गों का निरीक्षण करने को कहा है। उद्देश्य यह है कि जिन इलाकों में लाइटें खराब हैं, उन्हें समय रहते चिन्हित कर सुधार कराया जाए।
त्योहारों के दौरान धार्मिक आयोजन, बाजार, खरीदारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों के कारण सामान्य दिनों की तुलना में सड़कों पर लोगों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क की रोशनी का लगातार उपलब्ध रहना नगर प्रबंधन का बुनियादी हिस्सा बन जाता है। निगम की आधिकारिक वेबसाइट नगर निकाय की जिम्मेदारियों में नागरिकों के लिए बुनियादी सेवाओं की व्यवस्था को शामिल करती है।
समस्या सिर्फ बल्ब बदलने तक सीमित नहीं
बैठक में विद्युत ठेकेदारों ने कुछ व्यावहारिक अड़चनों की जानकारी भी दी। रिपोर्ट के मुताबिक कई स्थानों पर पुरानी या खराब विद्युत सामग्री के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित होता है। ठेकेदारों ने लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया, जिस पर नियमानुसार देयकों के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
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यही हिस्सा इस पूरी कवायद की एक अहम कड़ी है। किसी शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था लंबे समय तक ठीक रखने के लिए सिर्फ शिकायतों का निपटारा पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए उपलब्ध स्पेयर सामग्री, फील्ड टीम, मरम्मत का समय और ठेकेदारों की भुगतान व्यवस्था—इन सभी का तालमेल जरूरी होता है।
पुराने काम और उपलब्ध सामग्री की भी होगी समीक्षा
महापौर ने विद्युत विभाग और सभी जोन कार्यालयों में उपलब्ध सामग्री की जानकारी मांगी है। साथ ही पहले किए गए स्ट्रीट लाइट सुधार एवं संधारण कार्यों का रिकॉर्ड भी देखने को कहा गया है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए उन स्थानों को प्राथमिकता देना है जहां तत्काल सुधार की आवश्यकता है।
रायपुर नगर निगम के 2025-26 के आधिकारिक बजट दस्तावेज में भी स्ट्रीट लाइट और अन्य लाइटिंग कार्यों के लिए प्रावधान दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रकाश व्यवस्था नगर निगम के नियमित शहरी बुनियादी ढांचे का हिस्सा है, जिसे केवल त्योहारों के समय नहीं बल्कि लगातार बनाए रखना पड़ता है।
आने वाले पर्वों में इस व्यवस्था की असली परीक्षा यही होगी कि बैठक में दिए गए निर्देश मैदान पर कितनी तेजी से लागू होते हैं। मुख्य मार्गों की रोशनी की नियमित जांच, खराब उपकरणों का समय पर बदलना और शिकायतों का ट्रैकिंग सिस्टम मजबूत रहा तो त्योहारों के दौरान नागरिकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।



