राजस्थान में पिछले 24 घंटे के दौरान कई इलाकों में भारी बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ. कई स्थानों पर निचले इलाकों में पानी भर गया जबकि सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा. कई जगह वाहन रेंगते हुए चलते नजर आए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. मौसम विभाग के अनुसार, चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी में मंगलवार सुबह से बुधवार सुबह तक सर्वाधिक 227 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. बारां और उदयपुर में अतिभारी बारिश हुई, जबकि भीलवाड़ा, झालावाड़, करौली, सवाई माधोपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, राजसमंद और नागौर जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई.
बारिश के बाद जलभराव
बारिश का असर राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में भी देखने को मिला. जयपुर में अजमेरी गेट, चारदीवारी, रेलवे स्टेशन, बाइस गोदाम सर्किल, रामबाग और टोंक फाटक समेत कई इलाकों में तेज बारिश के बाद जलभराव हो गया. इससे यातायात धीमा रहा और कई जगह जाम की स्थिति बन गई. निचले इलाकों के साथ शहर के कई पॉश क्षेत्रों में भी पानी भरने से मोटरसाइकिल और कार सवारों को परेशानी हुई.
मुकंदरा टनल में भरा पानी
उधर, कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की मुकंदरा टनल में पानी भरने के कारण इसे दोपहर में यातायात के लिए बंद करना पड़ा. टनल में करीब एक फुट पानी भर गया, जिसे पंपों के जरिए बाहर निकाला जा रहा है. इसके चलते मुंबई की ओर से टनल की तरफ आने वाले वाहनों को एनएच-52 पर डायवर्ट किया गया. कोटा-झालावाड़ एनएच-52 पर दरा की नाल के पास भी जाम लग गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
उदयसागर बांध का जलस्तर 21 फुट से अधिक
उदयपुर में लगातार बारिश के चलते उदयसागर बांध का जलस्तर 21 फुट से अधिक हो गया. बांध की पूर्ण भराव क्षमता 24 फुट है. कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश से पानी की आवक बढ़ने के बाद जल संसाधन विभाग ने बुधवार दोपहर बांध के दो गेट एक-एक फुट तक खोल दिए.
मेघगर्जन के साथ तेज बारिश
इसके अलावा हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा समेत कई जिलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. मौसम विभाग ने दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.



