रायपुर में खेल अकादमियों के लिए चयन ट्रायल 23-24 सितंबर को, 13 से 17 साल के खिलाड़ी ले सकेंगे हिस्सा
रायपुर, 22 सितंबर 2026। खेल में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे 13 से 17 वर्ष के खिलाड़ियों के लिए रायपुर में महत्वपूर्ण अवसर है। छत्तीसगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की गैर-आवासीय खेल अकादमियों में प्रवेश और मौजूदा खिलाड़ियों के प्रवेश नवीनीकरण के लिए 23 और 24 सितंबर 2026 को चयन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे।
इन ट्रायल में तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स के खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। चयन प्रक्रिया में केवल खेल कौशल ही नहीं, बल्कि दस्तावेजों की जांच, चिकित्सकीय परीक्षण और शारीरिक दक्षता भी शामिल रहेगी। अंतिम चयन चयन समिति द्वारा खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
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खिलाड़ियों के लिए सबसे जरूरी बात: ट्रायल का दिन और स्थान
23 सितंबर को तीरंदाजी और बालिका फुटबॉल के खिलाड़ियों के लिए ट्रायल होंगे। पंजीयन सुबह 7 बजे से 11 बजे तक स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा में किया जाएगा।
तीरंदाजी के लिए ट्रायल स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा और तीरंदाजी एरिना, रायपुर में आयोजित होंगे, जबकि बालिका फुटबॉल का चयन ट्रायल स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में होगा।
इसके अगले दिन यानी 24 सितंबर को बालक-बालिका हॉकी और एथलेटिक्स के खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया होगी। इसके लिए स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-02 को केंद्र बनाया गया है। इन ट्रायल की शुरुआत सुबह 7 बजे से होगी।
सिर्फ खेल प्रदर्शन नहीं, पूरी चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा
इस चयन प्रक्रिया को केवल मैदान पर होने वाले प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखा गया है। खिलाड़ियों को कई चरणों से गुजरना होगा।
पंजीयन के बाद दस्तावेजों का परीक्षण, मेडिकल जांच, शारीरिक दक्षता परीक्षण और खेल कौशल परीक्षण किया जाएगा। इसका मतलब है कि खिलाड़ी को अपने खेल में प्रदर्शन करने के साथ निर्धारित दस्तावेज और शारीरिक मानकों की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
ऐसी बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया का उद्देश्य खिलाड़ियों की खेल क्षमता के साथ उनकी शारीरिक तैयारी और पात्रता की भी जांच करना है। इसलिए ट्रायल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों के लिए केवल अभ्यास पर निर्भर रहने के बजाय सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखना जरूरी होगा।
कौन खिलाड़ी ले सकते हैं हिस्सा?
विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ के बालक-बालिका खिलाड़ियों के साथ दूसरे राज्यों के 13 से 17 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ी भी चयन ट्रायल में शामिल हो सकते हैं।
इससे रायपुर में आयोजित यह ट्रायल स्थानीय खिलाड़ियों के साथ दूसरे राज्यों के युवा खिलाड़ियों के लिए भी अवसर उपलब्ध कराता है। खास तौर पर उन खिलाड़ियों के लिए यह महत्वपूर्ण हो सकता है जो जिला या राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के बाद व्यवस्थित प्रशिक्षण व्यवस्था की तलाश में हैं।
दस्तावेजों में गलती न करें
ट्रायल में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को पहचान और आयु से संबंधित दस्तावेज साथ लाने होंगे। विभाग ने आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र अथवा जन्मतिथि अंकित प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य बताया है।
इसलिए खिलाड़ियों और अभिभावकों के लिए बेहतर होगा कि ट्रायल स्थल पर पहुंचने से पहले मूल दस्तावेज और आवश्यक प्रमाणित प्रतियां व्यवस्थित कर लें। खासकर जन्मतिथि से संबंधित दस्तावेज में किसी तरह की अस्पष्टता होने पर पंजीयन और पात्रता जांच के दौरान समस्या हो सकती है।
चयन होने के बाद क्या मिलेगा?
गैर-आवासीय खेल अकादमियों में अंतिम रूप से चयनित खिलाड़ियों को शासन की ओर से कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खेल अकादमी संचालन नियम, 2014 के तहत विभाग द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण, खेल परिधान, प्लेइंग किट, बीमा और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि युवा खिलाड़ियों के लिए खेल में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी चुनौतियों में नियमित प्रशिक्षण और खेल संबंधी खर्च शामिल होते हैं। यदि प्रशिक्षण, किट और अन्य सहायता संस्थागत रूप से उपलब्ध होती है, तो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिल सकता है।
ट्रायल से आगे की असली चुनौती प्रशिक्षण की निरंतरता
किसी खिलाड़ी का चयन केवल शुरुआत है। खेलों में लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित कोचिंग, फिटनेस, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और चोट से बचाव जैसी व्यवस्थाएं लगातार जरूरी होती हैं।
इस लिहाज से इन अकादमियों की भूमिका केवल खिलाड़ियों को चुनने तक सीमित नहीं होगी। आने वाले समय में चयनित खिलाड़ियों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन और उन्हें उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना भी महत्वपूर्ण रहेगा।



