एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, श्रीलंका को 147 रन से हराकर लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड
निसिन, जापान, 22 सितंबर 2026। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट का एशियन गेम्स खिताब अपने नाम किया। इससे पहले भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था।
इस मुकाबले की खासियत सिर्फ जीत का बड़ा अंतर नहीं रहा, बल्कि भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में एकतरफा दबदबा बनाया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 216/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया और जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर सिमट गई।
मंधाना की रिकॉर्ड पारी ने रखी बड़े स्कोर की नींव
भारत को शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी का फायदा मिला। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 99 रन जोड़कर श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। शेफाली 29 गेंदों में 48 रन बनाकर अर्धशतक से चूक गईं, लेकिन उनकी तेज पारी ने भारत के स्कोरिंग रेट को शुरुआत में ही ऊपर पहुंचा दिया।
इसके बाद स्मृति मंधाना ने पारी को संभालते हुए सिर्फ 45 गेंदों में 79 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और सात छक्के शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 11,000 रन पूरे करने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
मंधाना के आउट होने के बाद ऐसा लग रहा था कि भारत शायद 200 रन के आसपास रुक जाएगा, लेकिन ऋचा घोष ने अंतिम ओवरों में मैच की दिशा ही बदल दी। ऋचा ने सिर्फ 22 गेंदों में नाबाद 49 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत 216 रन तक पहुंच गया, जो एशियन गेम्स महिला क्रिकेट में अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर बताया गया है।
गेंदबाजों ने श्रीलंका को संभलने का मौका नहीं दिया
217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम शुरुआत से ही दबाव में रही। शेफाली वर्मा ने गेंद से भी प्रभाव छोड़ा और शुरुआती झटके दिए। इसके बाद भारतीय स्पिनरों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में सिर्फ 6 रन देकर 3 विकेट लिए। शेफाली वर्मा और श्रेयांका पाटिल ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि श्री चरणी ने भी दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। श्रीलंका की ओर से कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने 21 रन बनाए, लेकिन उनके अलावा कोई बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी के सामने लंबी पारी नहीं खेल सका।
श्रीलंका की पारी 69 रन पर समाप्त होते ही भारत ने 147 रन की बड़ी जीत दर्ज कर ली। यह सिर्फ एक फाइनल जीत नहीं थी, बल्कि पूरे मुकाबले में भारतीय टीम के संतुलित प्रदर्शन का परिणाम था।
लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स गोल्ड
इस जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक हासिल किया है। 2023 में हांगझोउ में भी भारत ने श्रीलंका को हराकर गोल्ड जीता था। यानी एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट के दो खिताबों में भारत दोनों बार चैंपियन रहा है।
2026 के एशियन गेम्स में यह भारत का पहला गोल्ड मेडल भी है। क्रिकेट टीम के स्वर्ण से पहले भारतीय दल ने चार सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।
इस जीत का बड़ा मतलब क्या है?
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम ने फाइनल जैसे दबाव वाले मुकाबले में किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर रहने के बजाय सामूहिक प्रदर्शन किया। मंधाना और शेफाली ने तेज शुरुआत दी, ऋचा घोष ने आखिरी ओवरों में स्कोर को 200 के पार पहुंचाया और इसके बाद गेंदबाजों ने श्रीलंका को किसी भी साझेदारी को बड़ा रूप देने का मौका नहीं दिया।
एशियन गेम्स जैसे बहु-खेल आयोजन में क्रिकेट का प्रदर्शन भारत की महिला क्रिकेटरों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी निरंतरता दिखाने का एक और अवसर है। लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक यह भी बताता है कि टीम बड़े टूर्नामेंट में दबाव को संभालने और अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी रणनीति लागू करने की क्षमता रखती है।



