बार-बार टूटते नाखून? सावधान! शरीर में आयरन की कमी समेत ये 5 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार
हेल्थ डेस्क। नाखून बार-बार टूट रहे हैं, उनकी परतें उखड़ रही हैं या वे पहले से ज्यादा कमजोर नजर आ रहे हैं, तो इसे केवल सुंदरता से जुड़ी समस्या समझकर नजरअंदाज न करें। कई बार इसके पीछे पानी और डिटर्जेंट का लगातार संपर्क, नाखूनों की गलत देखभाल या शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। कुछ मामलों में थायराइड की समस्या या अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी नाखूनों की बनावट को प्रभावित कर सकती हैं।
हालांकि, हर बार नाखून टूटने का मतलब यह नहीं है कि शरीर में विटामिन या आयरन की कमी हो गई है। सही कारण समझना जरूरी है, ताकि बिना जरूरत सप्लीमेंट लेने के बजाय समस्या का उचित समाधान किया जा सके।
नाखून कमजोर होने के पीछे क्या हो सकते हैं कारण?
नाखून मुख्य रूप से केराटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। इनकी मजबूती बनाए रखने के लिए संतुलित पोषण और नियमित देखभाल दोनों जरूरी हैं। यदि नाखून लगातार टूटते हैं, तो इन पांच कारणों पर ध्यान देना चाहिए।
1. आयरन की कमी
शरीर में आयरन की कमी होने पर खून की कमी यानी एनीमिया हो सकता है। कुछ लोगों में इसके साथ नाखून पतले और कमजोर होने लगते हैं। गंभीर स्थिति में नाखून चम्मच की तरह अंदर की ओर मुड़ सकते हैं।
यदि नाखून टूटने के साथ लगातार थकान, कमजोरी, त्वचा का पीला पड़ना या सामान्य काम करने पर सांस फूलने जैसी परेशानी भी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। जरूरत पड़ने पर खून की जांच से आयरन की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
2. प्रोटीन की कमी
नाखूनों की संरचना केराटिन से बनती है, इसलिए पर्याप्त प्रोटीन वाला भोजन शरीर के सामान्य विकास और ऊतकों के रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक अपर्याप्त या असंतुलित भोजन करने से नाखूनों की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
दाल, दूध, दही, पनीर, सोया, अंडे और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को अपनी जरूरत के अनुसार आहार में शामिल किया जा सकता है।
3. बायोटिन और अन्य पोषक तत्व
बायोटिन को विटामिन बी7 भी कहा जाता है। यह शरीर में पोषक तत्वों के उपयोग से जुड़ी कई प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। हालांकि, बायोटिन की वास्तविक कमी दुर्लभ है और हर कमजोर नाखून के पीछे इसकी कमी होना जरूरी नहीं है।
जिंक, विटामिन बी12 और अन्य पोषक तत्व भी सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बिना जांच या चिकित्सकीय सलाह के कई तरह के सप्लीमेंट एक साथ लेना उचित नहीं है। खासकर बायोटिन की अधिक खुराक कुछ लैब जांचों के परिणामों को प्रभावित कर सकती है।
4. पानी, साबुन और डिटर्जेंट का ज्यादा संपर्क
यदि आप बार-बार हाथ धोते हैं, बर्तन साफ करते हैं या कपड़े धोने के दौरान डिटर्जेंट के संपर्क में रहते हैं, तो नाखूनों की परतें कमजोर हो सकती हैं। बार-बार गीला होने और फिर सूखने से नाखूनों में रूखापन और टूटने की समस्या बढ़ सकती है।
ऐसी स्थिति में जरूरी नहीं कि शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो। नाखूनों को रसायनों और लगातार नमी से बचाना भी काफी मददगार हो सकता है।
5. थायराइड और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं
थायराइड की गड़बड़ी कुछ लोगों में नाखूनों, बालों और त्वचा की स्थिति को प्रभावित कर सकती है। उम्र बढ़ने के साथ भी नाखूनों में रूखापन और भंगुरता बढ़ सकती है।
यदि नाखून टूटने के साथ बाल झड़ना, असामान्य थकान, वजन में बदलाव, ठंड ज्यादा लगना या त्वचा का रूखा होना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच के बारे में चर्चा करें। केवल नाखूनों के आधार पर थायराइड या किसी दूसरी बीमारी का निदान नहीं किया जा सकता।
नाखून मजबूत बनाने के लिए खानपान में क्या बदलें?
नाखूनों की सेहत सुधारने के लिए महंगे उत्पादों से पहले रोज के भोजन और देखभाल की आदतों पर ध्यान देना उपयोगी है।
- आयरन के लिए: दालें, चना, राजमा, हरी पत्तेदार सब्जियां और जरूरत के अनुसार अन्य आयरन युक्त खाद्य पदार्थ खाएं।
- प्रोटीन के लिए: दूध, दही, पनीर, सोया, दालें, अंडे या अपने आहार के अनुकूल दूसरे प्रोटीन स्रोत शामिल करें।
- विटामिन सी के लिए: आंवला, अमरूद, नींबू और अन्य फल-सब्जियां खाएं। विटामिन सी पौधों से मिलने वाले आयरन के अवशोषण में मदद करता है।
- मेवे और बीज: बादाम, मूंगफली, तिल और दूसरे बीज संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं।
- पर्याप्त पानी: शरीर की जरूरत के अनुसार पानी पिएं। केवल ज्यादा पानी पीने से नाखून मजबूत होने की गारंटी नहीं है।
यदि भोजन में कमी है, तो उसे सुधारने से फायदा हो सकता है। लेकिन वास्तविक आयरन की कमी या किसी बीमारी के कारण नाखून कमजोर हो रहे हों, तो केवल घरेलू उपाय पर्याप्त नहीं होंगे।
घर पर नाखूनों की देखभाल कैसे करें?
नाखूनों को मजबूत बनाए रखने के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतें उपयोगी हो सकती हैं।
हाथों और नाखूनों पर मॉइस्चराइजर लगाएं। हाथ धोने के बाद क्रीम या पेट्रोलियम जेली की पतली परत लगाने से रूखापन कम करने में मदद मिल सकती है। नाखूनों के आसपास की त्वचा पर भी ध्यान दें।
बर्तन धोते समय दस्ताने पहनें। इससे नाखूनों का पानी और डिटर्जेंट से लगातार संपर्क कम हो सकता है।
नाखून छोटे और साफ रखें। लंबे नाखून चीजों में अटककर आसानी से टूट सकते हैं। उन्हें एक ही दिशा में धीरे-धीरे फाइल करें और किनारों को बहुत ज्यादा न घिसें।
नेल पॉलिश रिमूवर का सीमित इस्तेमाल करें। खासकर एसीटोन वाले रिमूवर का बार-बार उपयोग नाखूनों को रूखा बना सकता है।
नाखूनों से चीजें न खोलें। बोतल का ढक्कन उठाने, पैकेट फाड़ने या किसी सतह को खुरचने के लिए नाखूनों का इस्तेमाल करने से बचें। नाखून चबाने की आदत भी छोड़ने की कोशिश करें।
डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी है?
यदि नाखून कई सप्ताह से लगातार टूट रहे हैं और देखभाल के बाद भी सुधार नहीं हो रहा, तो चिकित्सकीय सलाह लें। कुछ संकेतों को विशेष रूप से गंभीरता से लेना चाहिए:
- नाखून असामान्य रूप से पतले हो जाएं या चम्मच की तरह मुड़ने लगें।
- नाखूनों का रंग, मोटाई या आकार बदलने लगे।
- नाखून के आसपास दर्द, सूजन या लालिमा हो।
- नाखून टूटने के साथ लगातार थकान, सांस फूलना या बाल झड़ने जैसी समस्या हो।
- एक नाखून में नया गहरा निशान दिखाई दे या उसका रंग बिना स्पष्ट कारण बदलने लगे।
डॉक्टर लक्षणों और आपकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के आधार पर जरूरत पड़ने पर खून की जांच, आयरन की स्थिति या थायराइड की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
सबसे जरूरी बात
नाखूनों का बार-बार टूटना कभी पोषण की कमी, कभी रोजमर्रा की आदतों और कभी किसी स्वास्थ्य समस्या से जुड़ा हो सकता है। इसलिए केवल नाखून देखकर किसी एक विटामिन की कमी मान लेना सही नहीं है।
संतुलित भोजन, नाखूनों की नियमित देखभाल और लगातार बने रहने वाले लक्षणों पर समय रहते ध्यान देना सबसे व्यावहारिक तरीका है। सही कारण की पहचान होने पर ही उचित उपचार और देखभाल का चुनाव किया जा सकता है।



