पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा एजेंसियों के लगातार ऑपरेशन और शांति वार्ताओं के प्रयासों के बीच कुल 43 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया और अपने हथियार भी सौंप दिए। अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादी लंबे समय से सक्रिय थे और कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे थे। इस कदम को राज्य में स्थायी शांति की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन असम राइफल्स और स्थानीय पुलिस के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जिसे भारत सरकार की पुनर्वास और मुख्यधारा में शामिल करने की नीति का भी समर्थन मिला। आत्मसमर्पण करने वालों को पुनर्वास योजना के तहत आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और समाज में पुनर्स्थापन का मौका दिया जाएगा।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण पूर्वोत्तर में शांति और विकास की प्रक्रिया को मजबूत करेगा। पिछले कुछ वर्षों में मिजोरम में उग्रवाद में लगातार गिरावट देखी गई है और यह ताजा घटनाक्रम संकेत देता है कि बातचीत और विकास आधारित रणनीति का सकारात्मक असर पड़ रहा है।


