देश में बढ़ते हवाई किरायों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने भारत सरकार से तीखे सवाल करते हुए कहा कि इस मामले में पहले ही तीन बार समय दिया जा चुका है, फिर भी अब तक हलफनामा दाखिल क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया कि यात्रियों पर बढ़ते किराये का बोझ गंभीर चिंता का विषय है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एयरलाइंस द्वारा मनमाने तरीके से टिकट कीमतें तय की जा रही हैं, खासकर पीक सीजन और आपात स्थितियों में किराये में अचानक भारी बढ़ोतरी देखी जाती है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि यात्रियों के हितों की सुरक्षा के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और नियमन को लेकर स्पष्ट नीति क्यों सामने नहीं आई।
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अदालत ने सरकार को जल्द से जल्द जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और संकेत दिया कि देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माना जा रहा है कि इस मामले की अगली सुनवाई में एयरफेयर रेगुलेशन को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश सामने आ सकते हैं, जो हवाई यात्रियों को बड़ी राहत दे सकते हैं।


