मंदिरों के सोने के मुद्रीकरण को लेकर फैल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। Ministry of Finance ने स्पष्ट किया है कि मंदिरों के सोने को अनिवार्य रूप से गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम में शामिल करने की कोई योजना नहीं है। सरकार ने कहा कि इस संबंध में चल रही खबरें और दावे पूरी तरह अफवाह हैं।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम पूरी तरह स्वैच्छिक है और किसी भी धार्मिक संस्था पर इसे लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
सरकार ने यह भी कहा कि देश में सोने के बेहतर उपयोग और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए विभिन्न योजनाएं पहले से मौजूद हैं, लेकिन धार्मिक संस्थाओं के सोने को लेकर कोई अनिवार्य कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस बयान के बाद मंदिरों के सोने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद है।


