विदेशी शेयरों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी कंपनियों के शेयरों से होने वाली कमाई पर टैक्स चुकाना अनिवार्य है, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। आयकर नियमों के अनुसार विदेशों में किए गए निवेश और उससे हुई आय की जानकारी Income Tax Department को देना जरूरी होता है।
टैक्स विशेषज्ञों के मुताबिक विदेशी शेयरों से मिलने वाले डिविडेंड और कैपिटल गेन दोनों ही भारत में टैक्स के दायरे में आते हैं। इसके अलावा आयकर रिटर्न भरते समय विदेशी संपत्तियों और निवेश की जानकारी ‘फॉरेन एसेट’ सेक्शन में देना अनिवार्य है। जानकारी छिपाने या गलत जानकारी देने पर भारी जुर्माना और जेल तक की सजा का प्रावधान है।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि विदेशी निवेश से जुड़ी सभी जानकारी सही तरीके से घोषित करें और समय पर टैक्स का भुगतान करें। नियमों का पालन करने से न केवल कानूनी जोखिम से बचा जा सकता है, बल्कि निवेश को सुरक्षित और पारदर्शी भी बनाया जा सकता है।


