NHAI ने Rajmargyatra App पर शुरू की FASTag पोर्टेबिलिटी सुविधा; मौजूदा टैग और FASTag ID रख सकेंगे बरकरार
नई दिल्ली। FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने OneTag सुविधा शुरू की है। इसके तहत अब FASTag जारी करने वाला बैंक बदला जा सकेगा, लेकिन वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा मौजूदा FASTag नहीं बदलना पड़ेगा। यानी बैंक बदलने के लिए नया फिजिकल FASTag लेने और उसे दोबारा वाहन पर लगाने की जरूरत नहीं होगी। यह सुविधा NHAI के Rajmargyatra Mobile App पर उपलब्ध कराई गई है। NHAI ने यह जानकारी 17 सितंबर 2026 को जारी की।
OneTag से क्या बदलेगा?
अब तक FASTag जारीकर्ता बैंक बदलने के लिए मौजूदा FASTag को बंद कराकर नए बैंक से नया टैग लेना पड़ता था। OneTag के जरिए यह प्रक्रिया आसान हो गई है। पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ी मौजूदा FASTag ID वही रहेगी और उसी फिजिकल टैग का इस्तेमाल नए जारीकर्ता बैंक के साथ किया जा सकेगा।
इस सुविधा से वाहन चालकों को नया FASTag लेने, उसे प्राप्त करने और विंडस्क्रीन पर दोबारा लगाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
Rajmargyatra App से कैसे होगा पोर्ट?
FASTag को दूसरे बैंक में पोर्ट करने के लिए उपयोगकर्ता को Rajmargyatra App में लॉग इन करना होगा। इसके बाद वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करके पोर्टेबिलिटी के लिए पात्रता जांची जा सकेगी।
पात्र होने पर मौजूदा जारीकर्ता बैंक से 6 अंकों का Mobile Verification Code (MVC) प्राप्त करना होगा। सत्यापन के बाद उपयोगकर्ता अपनी पसंद का नया FASTag जारीकर्ता बैंक चुन सकेगा। इसके बाद ग्राहक सत्यापन और नए बैंक के साथ वॉलेट ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। प्रक्रिया सफल होने पर मौजूदा FASTag उसी वाहन के साथ नए बैंक के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
पुराने FASTag के बैलेंस का क्या होगा?
FASTag पोर्ट होने के बाद पुराना जारीकर्ता बैंक मौजूदा वॉलेट बंद करेगा। उसमें उपलब्ध राशि को लागू समायोजन के बाद वापस किया जाएगा। इसलिए पोर्टेबिलिटी शुरू करने से पहले पुराने FASTag वॉलेट से संबंधित जानकारी को ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।
दोबारा बैंक बदलने के लिए 6 महीने का इंतजार
OneTag के तहत FASTag को पोर्ट करने के बाद तुरंत दोबारा बैंक बदलने की सुविधा नहीं होगी। NHAI के अनुसार, एक बार पोर्ट किए गए इंटरऑपरेबल FASTag को दोबारा पोर्ट करने से पहले 6 महीने की कूलिंग अवधि पूरी करनी होगी।
NHAI के मुताबिक OneTag से FASTag के बार-बार नए टैग जारी करने की जरूरत कम होगी और बैंक बदलने की प्रक्रिया भी अधिक सुविधाजनक होगी। NHAI ने बताया कि देश में FASTag की पहुंच 98 प्रतिशत से अधिक है और इसके करीब 13 करोड़ उपयोगकर्ता हैं।



