छत्तीसगढ़ के आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों में डिस्प्ले बोर्ड और हेल्पडेस्क जरूरी; विशेषज्ञ या आवश्यक सुविधा नहीं होने पर मरीज को समय पर रेफर करना होगा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों की सुविधा और पारदर्शिता को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। निजी अस्पतालों में तय पैकेज से अतिरिक्त राशि लेने और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के बावजूद मरीजों को भर्ती रखने की शिकायतों के बाद विभाग ने व्यवस्था को अधिक स्पष्ट और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी कलेक्टरों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को निर्देश भेजे हैं। इसके तहत आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को इलाज से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी होगी।
अस्पताल में दिखानी होगी पैकेज की रेट लिस्ट
आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों को एंट्री गेट या रिसेप्शन के पास प्रमुख स्थान पर डिस्प्ले बोर्ड लगाना होगा। इस बोर्ड पर अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत उपलब्ध उपचारों और उनके लिए निर्धारित सरकारी पैकेज राशि की जानकारी हिंदी में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी।
इसमें हार्ट बाईपास, मोतियाबिंद, डेंगू, डायलिसिस सहित अस्पताल में उपलब्ध उपचारों के पैकेज और निर्धारित राशि की जानकारी शामिल होगी। इसका उद्देश्य यह है कि मरीज या उसके परिजन इलाज शुरू होने से पहले योजना के तहत मिलने वाली सुविधा और संबंधित पैकेज की जानकारी समझ सकें।
आयुष्मान हेल्पडेस्क और काउंसलर की व्यवस्था
अस्पतालों में आयुष्मान हेल्पडेस्क की व्यवस्था करने के साथ प्रशिक्षित काउंसलर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। काउंसलर मरीजों को यह जानकारी देगा कि कौन-सा उपचार आयुष्मान योजना के अंतर्गत उपलब्ध है और कौन-सी बीमारी या उपचार योजना के दायरे में नहीं आता।
इस व्यवस्था से मरीजों और उनके परिजनों को योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
डॉक्टर या जरूरी सुविधा नहीं तो भर्ती नहीं
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किसी बीमारी के उपचार के लिए अस्पताल में संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर या आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो मरीज को केवल आयुष्मान पैकेज के आधार पर भर्ती नहीं रखा जा सकेगा।
यदि अस्पताल में ICU, ऑपरेशन थिएटर या संबंधित विशेषज्ञ जैसी जरूरी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो मरीज को बिना अनावश्यक देरी के मेकाहारा या किसी उपयुक्त उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर करना होगा। गंभीर मरीजों के मामले में समय पर रेफरल पर विशेष जोर दिया गया है।
अतिरिक्त राशि लेने पर कार्रवाई
आयुष्मान योजना के निर्धारित पैकेज के अलावा अतिरिक्त राशि देने के लिए मरीज या उसके परिजनों पर दबाव नहीं बनाया जा सकेगा। अस्पतालों को अपनी उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों के अनुसार ही मरीजों का उपचार करना होगा।
अस्पतालों के लिए 8 प्रमुख निर्देश:
- बीमारी और संबंधित पैकेज राशि का डिस्प्ले बोर्ड लगाना।
- योजना से बाहर के उपचार की जानकारी देना।
- प्रशिक्षित आयुष्मान काउंसलर की व्यवस्था करना।
- विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने पर मरीज को भर्ती नहीं रखना।
- आवश्यक सुविधा नहीं होने पर समय पर रेफर करना।
- अतिरिक्त राशि के लिए मरीज पर दबाव नहीं बनाना।
- उपलब्ध संसाधनों के अनुसार ही उपचार करना।
- गंभीर मरीज को जरूरी सुविधा वाले उपयुक्त अस्पताल में समय पर भेजना।



