देशभर में फैले 3000 करोड़ रुपये के बड़े ठगी नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने 15 से अधिक राज्यों में क्रिकेट टीमों और स्थानीय टूर्नामेंटों को प्रायोजित कर अपने नेटवर्क को मजबूत किया। इसी आड़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध निवेश योजनाओं का संचालन किया जा रहा था। मामले के सामने आने के बाद कई राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि आरोपी बड़े स्तर पर क्रिकेट आयोजनों में पैसा लगाकर युवाओं और निवेशकों को अपने जाल में फंसाते थे। सोशल मीडिया और मोबाइल ऐप्स के जरिए लोगों को भारी मुनाफे का लालच दिया जाता था। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन और कई फर्जी खातों का पता चला है। एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।
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जांच अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल ऑनलाइन सट्टेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर फ्रॉड के भी संकेत मिले हैं। कई राज्यों में छापेमारी की कार्रवाई जारी है और बड़ी संख्या में डिजिटल दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से ऐसे ऑनलाइन निवेश और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से सावधान रहने की अपील की है।


