भारत की चर्चित एडटेक कंपनी BYJU’S कभी देश के सबसे बड़े स्टार्टअप्स में गिनी जाती थी, लेकिन अब कंपनी गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही है। संस्थापक Byju Raveendran की कंपनी का मूल्यांकन एक समय 22 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, मगर लगातार बढ़ते घाटे, निवेशकों के भरोसे में कमी और कानूनी विवादों के चलते इसकी वैल्यू लगभग शून्य के करीब पहुंच गई है। एडटेक सेक्टर में यह गिरावट स्टार्टअप दुनिया के लिए बड़ा सबक मानी जा रही है।
कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा की मांग बढ़ने से बायजू ने तेजी से विस्तार किया और कई कंपनियों का अधिग्रहण भी किया। हालांकि, आक्रामक विस्तार रणनीति, भारी कर्ज और वित्तीय प्रबंधन में गड़बड़ियों ने कंपनी की मुश्किलें बढ़ा दीं। समय पर वित्तीय रिपोर्ट जारी न करने, कर्मचारियों की छंटनी और निवेशकों के साथ विवादों ने कंपनी की साख को गहरा नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा अमेरिका में लोन विवाद और कानूनी मामलों ने भी संकट को और बढ़ा दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टार्टअप्स के लिए सिर्फ तेजी से ग्रोथ हासिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि मजबूत वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता भी बेहद जरूरी है। बायजू का मामला भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए चेतावनी की तरह देखा जा रहा है, जहां अत्यधिक निवेश और तेज विस्तार के बावजूद टिकाऊ बिजनेस मॉडल की अहमियत सामने आई है।


