टीम इंडिया आज की तारीख में उसे मुहाने पर खड़ी है, जहां से अगर उसे एक और हार मिली तो सालों के किए कराए पर पानी फिर जाएगा। भारतीय टीम अब इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज तो जीतने से रही, लेकिन इतना जरूर है कि जो काम पिछले कई साल से नहीं हुआ, वो भले ही बचा ले। लेकिन इसके लिए एक नहीं, बल्कि दो जीत से काम बनेगा। अब श्रेयस अय्यर किस रणनीति के साथ मैदान में उतरेंगे, ये देखना भी काफी दिलचस्प होगा।
शराब के नशे में धुत मिले हेडमास्टर, स्कूल के बाहर जमीन पर लेटकर किया हंगामा; VIDEO वायरल
टीम इंडिया पिछले सात साल से नहीं हारी है दो बैक टू बैक टी20 सीरीज
भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टी20 मैचों की सीरीज का चौथा मुकाबला आज खेला जाएगा। इसके लिए दोनों टीमें तैयार हैं। इस बीच आज का मैच टीम इंडिया और श्रेयस अय्यर के लिए काफी ज्यादा अहम होने जा रहा है। तीन में से दो मैच हारकर अब भारत के पास ये मौका नहीं है कि वो सीरीज जीत पाए, लेकिन अभी बराबरी का चांस है, उसके लिए आज जीत जरूरी है। इससे पहले टीम इंडिया आयरलैंड के खिलाफ दो मैच हार गई थी और वहां से सूपड़ा साफ करवा कर इंग्लैंड आई थी। अब अगर इस सीरीज का ये मैच भी हाथ से जाता है तो लगातार दो सीरीज चली जाएंगी। भारतीय टीम को पिछले करीब सात साल से ये दिन नहीं देखना पड़ा है कि जब बैक टू बैक दो सीरीज हार गया हो, लेकिन इस सीरीज में ऐसा होते हुए नजर आ सकता है।
इंग्लैंड से पिछले 12 साल से कभी टी20 सीरीज नहीं हारी है भारतीय टीम
इतना ही नहीं, भारतीय टीम पिछले करीब 12 साल से कभी भी इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज नहीं हारी है। अब हो सकता है कि ये 12 साल से चला आ रहा सिलसिला भी टूट जाए। हालांकि भारत के पास मौका है। पहले उसे आज का मैच जीतकर इंग्लैंड को रोकना होगा और इसके बाद आखिरी मैच में भी जीत दर्ज करनी होगी। अगर बचे हुए दो में से एक भी मैच भारतीय टीम हार तो फिर ये दोनों शर्मनाक रिकॉर्ड बन जाएंगे।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी सवालों के घेरे में
लगातार हार के बाद अब तो श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि जो टीम अभी कुछ महीने पहले ही टी20 की विश्व चैंपियन बनी है, उसे एक अदद जीत के लिए तरसना पड़ रहा है। जबकि देखा जाए तो कप्तान के अलावा बाकी टीम करीब करीब वही हे। दो से तीन खिलाड़ी इधर से उधर हुए हैं, जो कि होता ही रहता है। दो तीन खिलाड़ी बदलने से टीम का जीत का सिलसिला नहीं रुकता। हां, अगर कप्तान से ही कहीं गलती हो रही हो तो वो बात अलग है।






