कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र में चलती मालगाड़ी पर अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया। घटना में लोको पायलट सुनील कुमार के सिर पर गंभीर चोट आई है। पथराव के दौरान इंजन के दरवाजे का कांच भी टूट गया। घायल लोको पायलट को रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। मालगाड़ी गेवरा खदान की ओर कोयला लोड करने जा रही थी। घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों में नाराजगी है और पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
दीपका रेलवे क्रॉसिंग के पास हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, कोरबा रेलवे कॉलोनी निवासी लोको पायलट सुनील कुमार मालगाड़ी लेकर गेवरा खदान की ओर जा रहे थे। ट्रेन जैसे ही दीपका रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची, अज्ञात लोगों ने इंजन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।
चलती ट्रेन पर अचानक पथराव होने से लोको पायलट और रेलवे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। पथराव की तीव्रता इतनी थी कि इंजन के दरवाजे का शीशा टूट गया।
रेलवे ट्रैक के आसपास मौजूद लोगों ने घटना के बाद मौके से भागने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
सिर पर लगा पत्थर, बहने लगा खून
पथराव के दौरान एक पत्थर सीधे लोको पायलट सुनील कुमार के सिर पर लगा। चोट लगने के बाद उनके सिर से खून बहने लगा।
घायल होने के बावजूद उन्होंने मालगाड़ी को नियंत्रित करने का प्रयास किया। स्थिति गंभीर होने पर ट्रेन को तत्काल रोकना पड़ा। घटना की जानकारी उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
रेलवे अधिकारियों को सूचना मिलते ही कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल लोको पायलट को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
काफी देर तक ट्रैक पर खड़ी रही मालगाड़ी
पथराव के बाद मालगाड़ी को काफी देर तक रेलवे ट्रैक पर खड़ा रखना पड़ा। इससे इस रेल मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।
मालगाड़ी गेवरा खदान की ओर कोयला लोड करने जा रही थी। ट्रेन के रुकने के कारण आगे की आवाजाही और खदान से जुड़ी रेल परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
रेलवे प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने ट्रेन के इंजन और टूटे शीशे का निरीक्षण किया तथा घटना से जुड़े विवरण जुटाए।
CCTV फुटेज की जांच
घटना के बाद दीपका पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस रेलवे क्रॉसिंग और आसपास के क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
CCTV फुटेज के आधार पर पथराव करने वालों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना में कितने लोग शामिल थे और उन्होंने किस स्थान से ट्रेन पर पत्थर फेंके। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पथराव की वजह भी स्पष्ट हो सकेगी।
रेलवे कर्मचारियों में आक्रोश
घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। कर्मचारियों का कहना है कि चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं बेहद गंभीर हैं।
ऐसे हमलों से केवल लोको पायलट ही नहीं, बल्कि ट्रेन में मौजूद अन्य रेलवे कर्मचारी और यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। इंजन का शीशा टूटने से चालक को ट्रेन नियंत्रित करने में परेशानी हो सकती है।
रेलवे कर्मचारियों ने पुलिस और प्रशासन से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने रेलवे ट्रैक और क्रॉसिंग के आसपास सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग रखी।
पहले भी सामने आती रही हैं ऐसी घटनाएं
रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। कई बार इन घटनाओं में ट्रेन के शीशे टूटते हैं और कर्मचारी घायल हो जाते हैं।
पथराव करने वाले लोग अक्सर रेलवे ट्रैक के आसपास से पत्थर उठाकर ट्रेन पर फेंकते हैं। यह न केवल रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि रेल संचालन की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनता है।
रेलवे और पुलिस को ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान कर नियमित गश्त बढ़ाने की जरूरत है। स्थानीय लोगों और युवाओं को भी इस तरह की गतिविधियों के गंभीर परिणामों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
आरोपियों की तलाश जारी
दीपका पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
रेलवे अधिकारियों से भी घटना से जुड़े दस्तावेज और ट्रेन संचालन की जानकारी ली जा रही है। इंजन के टूटे शीशे और अन्य नुकसान का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जा सकती है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन पर रेलवे सुरक्षा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, लागू धाराओं की अंतिम जानकारी पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सामने आएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
चलती मालगाड़ी पर रेलवे क्रॉसिंग के पास पथराव की घटना ने ट्रैक सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे ट्रैक के आसपास खुले क्षेत्रों में निगरानी की कमी का फायदा असामाजिक तत्व उठा सकते हैं।
घटना के बाद रेलवे प्रशासन को दीपका रेलवे क्रॉसिंग और गेवरा खदान मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त रोशनी, CCTV और सुरक्षा गश्त बढ़ाने से ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
स्थानीय लोगों से भी अपील की जानी चाहिए कि वे रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत रूप से न जाएं और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
FAQs
1. मालगाड़ी पर पथराव कहां हुआ?
पथराव की घटना कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र में दीपका रेलवे क्रॉसिंग के पास हुई।
2. पथराव में कौन घायल हुआ?
घटना में मालगाड़ी चला रहे लोको पायलट सुनील कुमार के सिर पर चोट आई है।
3. मालगाड़ी कहां जा रही थी?
मालगाड़ी गेवरा खदान की ओर कोयला लोड करने जा रही थी।
4. क्या आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है?
नहीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
5. घटना के बाद क्या हुआ?
पथराव के बाद मालगाड़ी को रोकना पड़ा और काफी देर तक रेलवे ट्रैक पर खड़ी रही। घायल लोको पायलट को अस्पताल ले जाया गया।
निष्कर्ष
दीपका रेलवे क्रॉसिंग के पास चलती मालगाड़ी पर पथराव की घटना ने रेलवे सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। ट्रेन के इंजन का शीशा टूटने से लोको पायलट सुनील कुमार घायल हुए और मालगाड़ी को रोकना पड़ा। घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस CCTV फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच कर रही है। चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना बेहद खतरनाक है, क्योंकि इससे लोको पायलट, रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
Read This : राष्ट्रीय पोषण माह 2026: “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी”, जानें स्वस्थ जीवनशैली के लिए जरूरी बातें



