छत्तीसगढ़ में जल्द ही बस यात्रियों को महंगाई का बड़ा झटका लग सकता है। प्रदेश यातायात महासंघ ने डीजल की बढ़ती कीमतों, मेंटेनेंस खर्च और टैक्स भार का हवाला देते हुए बस किराए में बढ़ोतरी की मांग की है। महासंघ का कहना है कि मौजूदा किराए में बस संचालन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है, जिससे परिवहन व्यवसाय पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
यातायात महासंघ के पदाधिकारियों ने सरकार से किराया दरों में संशोधन करने की मांग करते हुए कहा कि पिछले लंबे समय से किराए में कोई बड़ी वृद्धि नहीं हुई है, जबकि संचालन लागत कई गुना बढ़ चुकी है। उनका कहना है कि डीजल, स्पेयर पार्ट्स और कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के कारण निजी बस ऑपरेटरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि जल्द फैसला नहीं लिया गया तो कई रूटों पर बस संचालन प्रभावित हो सकता है।
वहीं, किराया बढ़ने की संभावना से आम यात्रियों की चिंता भी बढ़ गई है। रोजाना बसों से सफर करने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीण यात्रियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। अब सभी की नजर राज्य सरकार के फैसले पर टिकी हुई है कि वह महासंघ की मांग पर क्या निर्णय लेती है।


