छत्तीसगढ़ के Ambikapur स्थित महामाया पहाड़ और जंगल की जमीन पर कब्जा करने वालों को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने अतिक्रमणकारियों की राहत संबंधी मांग को खारिज करते हुए साफ कर दिया कि वन और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं दिया जा सकता। कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रशासन अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और तेज कर सकता है।
मामले में याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि वे लंबे समय से उक्त जमीन पर रह रहे हैं, इसलिए उन्हें हटाने से पहले राहत दी जाए। हालांकि, अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि संबंधित भूमि वन और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। कोर्ट ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा अवैध कब्जे को वैध नहीं माना जा सकता।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को बड़ी राहत मिली है। अधिकारियों का कहना है कि अब महामाया पहाड़ क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और जंगल की सुरक्षा के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस फैसले को पर्यावरण संरक्षण और सरकारी जमीन बचाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।


