डूनबेग, आयरलैंड — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से रूस की डीजल उत्पादन सुविधाओं और तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को कहा है। ट्रंप ने 13 सितंबर को आयरलैंड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यूक्रेन रूस में डीजल उत्पादन को नुकसान पहुंचाना बंद करे, क्योंकि इससे ईंधन की कमी बढ़ रही है और इसका असर दुनिया पर पड़ रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन की ओर से रूस के ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन हमले तेज हुए हैं और रूस में ईंधन की उपलब्धता प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।
डीजल की कमी को ट्रंप ने बताया मुख्य वजह
ट्रंप के बयान का केंद्र रूस की डीजल उत्पादन क्षमता है। उनका कहना है कि रूसी रिफाइनरियों और ईंधन सुविधाओं पर यूक्रेनी हमलों से डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के पास दूसरे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के विकल्प हैं, इसलिए डीजल उत्पादन को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
Reuters के अनुसार, रूस में यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण कई रिफाइनरियों के संचालन पर असर पड़ा है और देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल की कमी भी सामने आई है। रूस ने घरेलू बाजार को स्थिर रखने के लिए डीजल निर्यात पर रोक को 30 सितंबर तक बढ़ाया है।
अमेरिका में भी डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची हैं। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रीय औसत डीजल कीमत 6 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर चली गई थी। यही स्थिति ट्रंप की चिंता का एक प्रमुख आधार बनी है।
रूस की तेल आपूर्ति पर लगातार बढ़ रहा दबाव
यूक्रेन लंबे समय से रूस के तेल और गैस ढांचे को निशाना बना रहा है। यूक्रेनी पक्ष का तर्क है कि रूस का ऊर्जा क्षेत्र उसके युद्ध प्रयासों को ईंधन और आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराता है, इसलिए ऐसी सुविधाएं सैन्य रूप से महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं। दूसरी ओर, इन हमलों से रूस की रिफाइनिंग क्षमता पर वास्तविक असर पड़ा है।
सितंबर की शुरुआत में यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने दावा किया था कि हमलों के बाद रूस की दो बड़ी तेल रिफाइनरियों के संचालन पर असर पड़ा। 13 सितंबर को भी रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र और तातारस्तान में दो प्रमुख रिफाइनरियों को निशाना बनाए जाने की जानकारी यूक्रेनी पक्ष ने दी। हालांकि, युद्ध क्षेत्र से आने वाले नुकसान के दावों को संबंधित स्वतंत्र स्रोतों से अलग-अलग स्तर पर सत्यापित करना जरूरी है।
रूस में ईंधन संकट का असर घरेलू बाजार से आगे भी दिखाई दे रहा है। Reuters ने रिपोर्ट किया कि गर्मियों के महीनों में रूस में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों की बिक्री में तेज बढ़ोतरी हुई, जिसे ईंधन की कमी से जोड़कर देखा गया।
वैश्विक ईंधन संकट की पूरी तस्वीर इससे बड़ी है
हालांकि ट्रंप ने मौजूदा डीजल संकट के लिए रूस-यूक्रेन युद्ध को प्रमुख कारण बताया है, वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति केवल यूक्रेनी हमलों से तय नहीं हो रही। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी IEA ने सितंबर में बताया कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र में आपूर्ति बाधित होने से 2026 में वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा दबाव पड़ा है। एजेंसी ने सालाना आपूर्ति में 5.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कमी का अनुमान लगाया है।
इसी वजह से ट्रंप का बयान एक व्यापक ऊर्जा संकट के बीच आया है। रूस की रिफाइनरियों पर हमले डीजल आपूर्ति को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि मध्य-पूर्व में तेल और ईंधन की आवाजाही में रुकावटें वैश्विक बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाल रही हैं। इसलिए यह कहना अधिक सटीक होगा कि ट्रंप ने यूक्रेनी हमलों को डीजल संकट का एक प्रमुख कारण बताते हुए जेलेंस्की से हमले रोकने की अपील की है, न कि वैश्विक ईंधन संकट का पूरा कारण केवल यूक्रेन को बताया है।
फिलहाल ट्रंप की अपील पर जेलेंस्की की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। युद्ध के बीच यूक्रेन रूस की ऊर्जा सुविधाओं को अपनी सैन्य रणनीति का हिस्सा मानता है, इसलिए इस मुद्दे पर अमेरिका और यूक्रेन के बीच रणनीतिक मतभेद भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
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