दुर्ग, छत्तीसगढ़, भारत — दुर्ग संभाग आयुक्त कार्यालय में चपरासी के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो लोगों से कुल 5 लाख रुपये लेने के मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने आरोपी शमीम खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामला वर्ष 2018 में दर्ज हुआ था और आरोपी लंबे समय से फरार था। विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड, वीडियो वाली पेन ड्राइव और कर्ज से संबंधित दस्तावेज जुटाए। पुलिस के मुताबिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को 13 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख रुपये लेने का आरोप
पुलिस के मुताबिक डाक बंगला पुरैना निवासी डी. सत्य साईं (36) ने 17 नवंबर 2018 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शमीम खान ने दुर्ग संभाग आयुक्त कार्यालय में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था। आरोपी ने शिकायतकर्ता और उसके परिचित सी.एच. बैकुंठ राव से नौकरी दिलाने के नाम पर अलग-अलग माध्यमों से रकम ली। दोनों से ली गई कुल राशि 5 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार रकम देने के बाद नौकरी नहीं लगी और कथित तौर पर पैसा भी वापस नहीं किया गया। इसके बाद शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। उपलब्ध रिपोर्टों में इस मामले की राशि 5 लाख रुपये ही बताई गई है।
बैंक रिकॉर्ड और वीडियो समेत साक्ष्य जुटाए
पुरानी भिलाई पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान वित्तीय लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए यूनियन बैंक के बैंक स्टेटमेंट को साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया। इसके अलावा कथित लेनदेन से संबंधित वीडियो वाली पेन ड्राइव और लोन से जुड़े तीन दस्तावेज भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिए।
पुलिस ने इन दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपी की भूमिका की जांच की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान शमीम खान ने दोनों लोगों से रकम लेने की बात स्वीकार की।
13 सितंबर को आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार शमीम खान, निवासी गुरु घासीदास वार्ड क्रमांक 44, कसारीडीह, दुर्ग को 13 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:40 बजे गिरफ्तार किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र से संबंधित है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने के आरोप में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित कार्रवाई की गई है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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