कोरबा। कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर गुरसियां के पास पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकर में अचानक भीषण आग लग गई। टैंकर में करीब 12 हजार लीटर ज्वलनशील ईंधन लदा था, जिसमें लगभग 4 हजार लीटर पेट्रोल और 8 हजार लीटर डीजल बताया गया है। आग लगते ही चालक दीपक कुमार और परिचालक ने समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस और दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकर में लगी आग
यह घटना गुरुवार दोपहर कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे-130 पर गुरसियां के पास हुई। टैंकर कोरबा से पेट्रोल और डीजल लेकर वाड्रफनगर की ओर जा रहा था।
रिपोर्ट के अनुसार, टैंकर में करीब 12 हजार लीटर ईंधन भरा हुआ था। इसमें लगभग 4 हजार लीटर पेट्रोल और 8 हजार लीटर डीजल लोड था। ज्वलनशील पदार्थ से भरे वाहन में आग लगने के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
आग की लपटें तेजी से बढ़ती गईं और देखते ही देखते टैंकर धू-धूकर जलने लगा। आग के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
टैंकर स्टार्ट करते ही निकला धुआं
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चालक दीपक कुमार गुरसियां के पास एक होटल में भोजन करने के लिए रुके थे। भोजन के बाद चालक टैंकर में बैठकर वाहन स्टार्ट करने की तैयारी कर रहा था।
जैसे ही चाबी ऑन कर सेल्फ लगाया गया, टैंकर की बैटरी की ओर से अचानक धुआं निकलने लगा। चालक और परिचालक ने स्थिति को समझते हुए तुरंत वाहन से बाहर निकलने की कोशिश की।
कुछ ही क्षणों में धुएं के साथ तेज लपटें उठने लगीं। दोनों ने टैंकर से कूदकर अपनी जान बचाई। समय रहते उनके वाहन से बाहर निकलने के कारण बड़ा जनहानि वाला हादसा टल गया।
चालक और परिचालक सुरक्षित
आग लगने के समय चालक और परिचालक टैंकर के पास मौजूद थे। धुआं और लपटें बढ़ने से पहले दोनों वाहन से बाहर निकल गए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में चालक और परिचालक के घायल होने या झुलसने की सूचना नहीं है। हालांकि, इतनी बड़ी आग के बीच वाहन से बाहर निकलना उनके लिए बेहद जोखिमपूर्ण था।
घटना के बाद दोनों ने पुलिस और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। टैंकर में बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल होने के कारण आग के फैलने और विस्फोट की आशंका बनी हुई थी।
हाईवे पर लगा लंबा जाम
टैंकर में आग लगने के बाद कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। आग और सुरक्षा जोखिम के कारण दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों को कुछ दूरी पर रोक दिया गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्रियों और वाहन चालकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
पुलिस ने आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसपास का क्षेत्र खाली कराया। दमकल टीम के पहुंचने तक लोगों को टैंकर से दूरी बनाए रखने की हिदायत दी गई।
पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।
ज्वलनशील ईंधन से भरे टैंकर में आग बुझाना सामान्य वाहन की तुलना में अधिक कठिन होता है। आग के दोबारा भड़कने और ईंधन के फैलने की आशंका के कारण दमकल कर्मियों ने सावधानी से कार्रवाई की।
पुलिस ने सुरक्षा कारणों से लोगों को घटनास्थल से दूर रखा। आग पूरी तरह नियंत्रित होने और टैंकर को सुरक्षित किए जाने के बाद हाईवे पर यातायात बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बैटरी में शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जानकारी में आग लगने का कारण बैटरी में शॉर्ट सर्किट की आशंका बताई गई है। हालांकि, आग का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच में टैंकर की बैटरी, वायरिंग, इंजन और ईंधन टैंक की स्थिति देखी जाएगी। वाहन के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की भी जांच हो सकती है।
पेट्रोल-डीजल ले जाने वाले टैंकरों में अग्नि सुरक्षा उपकरण और तकनीकी जांच बेहद जरूरी होती है। संबंधित विभाग वाहन के दस्तावेज, फिटनेस और सुरक्षा प्रमाणपत्रों की भी जांच कर सकते हैं।
बड़ा हादसा टला
टैंकर में हजारों लीटर ज्वलनशील ईंधन भरा था। यदि आग तेजी से आसपास फैलती या टैंकर में विस्फोट होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
चालक और परिचालक के समय रहते वाहन से बाहर निकलने और पुलिस-दमकल टीम के पहुंचने से स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। हाईवे पर मौजूद अन्य वाहन चालकों को भी समय रहते रोके जाने से नुकसान सीमित रहा।
हालांकि, आग के कारण टैंकर को भारी नुकसान हुआ है। वाहन और ईंधन के नुकसान का आकलन संबंधित विभाग और कंपनी की रिपोर्ट के बाद किया जाएगा।
हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत
कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग पर भारी वाहनों और ईंधन टैंकरों की आवाजाही रहती है। ऐसे में संवेदनशील स्थानों पर आपातकालीन व्यवस्था मजबूत रखना जरूरी है।
टैंकरों के लिए नियमित फिटनेस जांच, बैटरी और वायरिंग की जांच तथा अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। चालकों और परिचालकों को भी आग लगने की स्थिति में तत्काल वाहन से दूर जाने और पुलिस को सूचना देने का प्रशिक्षण होना चाहिए।
हाईवे पर दमकल केंद्र और आपातकालीन सेवाओं तक त्वरित पहुंच की व्यवस्था से ऐसे मामलों में नुकसान कम किया जा सकता है।
यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ
आग पर नियंत्रण के बाद टैंकर को सड़क से हटाने और मार्ग सुरक्षित करने का काम किया गया। इसके बाद वाहनों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया।
जाम के कारण यात्रियों को परेशानी हुई, लेकिन ईंधन से भरे वाहन में आग के कारण सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी था। पुलिस ने स्थिति के अनुसार यातायात को नियंत्रित किया।
हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों को ऐसे मामलों में पुलिस के निर्देशों का पालन करना चाहिए और आग की घटना के पास भीड़ नहीं लगानी चाहिए।
FAQs
1. टैंकर में कितना ईंधन भरा था?
टैंकर में करीब 12 हजार लीटर ईंधन था, जिसमें लगभग 4 हजार लीटर पेट्रोल और 8 हजार लीटर डीजल बताया गया है।
2. आग कहां लगी?
आग कोरबा जिले के कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर गुरसियां के पास लगी।
3. चालक और परिचालक का क्या हुआ?
दोनों ने समय रहते टैंकर से कूदकर अपनी जान बचाई। उपलब्ध रिपोर्टों में उनके गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
4. आग लगने का कारण क्या बताया गया है?
प्रारंभिक जानकारी में टैंकर की बैटरी से धुआं निकलने के बाद आग लगने की बात सामने आई है। वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद स्पष्ट होगा।
5. क्या हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ?
हां। आग और विस्फोट की आशंका के कारण हाईवे पर वाहनों को रोकना पड़ा और दोनों ओर लंबा जाम लग गया।
निष्कर्ष
कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर गुरसियां के पास पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकर में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। टैंकर में करीब 12 हजार लीटर ज्वलनशील ईंधन था। चालक दीपक कुमार और परिचालक ने समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई। प्रारंभिक जानकारी में बैटरी से धुआं निकलने के बाद आग लगने की आशंका है, लेकिन वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद स्पष्ट होगा। घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लगा और पुलिस तथा दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की।
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