अंबिकापुर। शहर की रिंग रोड पर डिवाइडर में बने खुले कट वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। प्रशासन की ओर से इन्हें बंद कराने के निर्देश दिए जाने के बावजूद करीब 11 किलोमीटर लंबे रिंग रोड के कई हिस्सों में कट अब भी खुले हैं। इन रास्तों से वाहन चालक सीधे मुख्य सड़क पर पहुंच रहे हैं, जिससे तेज रफ्तार ट्रैफिक के बीच दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
गांधी चौक से प्रतीक्षा बस स्टैंड के बीच तथा नमनाकला इलाके में महामाया पेट्रोल पंप के सामने खुले डिवाइडर कट विशेष रूप से चिंता का विषय बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन स्थानों पर दोपहिया वाहनों के साथ-साथ कार, बस और भारी वाहन भी अचानक सड़क पार करते या मुख्य मार्ग पर प्रवेश करते हैं।
11 किलोमीटर के रास्ते में कई जगह समस्या
अंबिकापुर की रिंग रोड शहर के यातायात का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दिनभर इस मार्ग पर बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद डिवाइडर में बनाए गए कई कट अभी तक पूरी तरह बंद नहीं किए जा सके हैं।
खुले कटों के कारण कुछ वाहन चालक निर्धारित यू-टर्न या चौराहे तक जाने के बजाय सीधे डिवाइडर पार कर दूसरी तरफ पहुंचने की कोशिश करते हैं। इससे मुख्य सड़क पर चल रहे वाहनों के सामने अचानक दूसरा वाहन आ जाता है।
ऐसी स्थिति में वाहन चालक को अचानक ब्रेक लगाना पड़ सकता है या दिशा बदलनी पड़ सकती है। तेज रफ्तार वाले मार्ग पर यह स्थिति दुर्घटना का कारण बन सकती है।
गांधी चौक से प्रतीक्षा बस स्टैंड तक बनी परेशानी
गांधी चौक से प्रतीक्षा बस स्टैंड के बीच रिंग रोड पर कई स्थानों पर डिवाइडर कट खुले होने की बात सामने आई है। यह इलाका दिनभर व्यस्त रहता है और यहां लगातार वाहनों की आवाजाही होती रहती है।
स्थानीय लोग और राहगीर भी इन कटों का इस्तेमाल करते हैं। निर्धारित रास्ते से घूमकर जाने के बजाय कम दूरी के लिए लोग सीधे डिवाइडर पार कर लेते हैं। इससे सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों के बीच अचानक क्रॉसिंग की स्थिति बन जाती है।
शाम और रात के समय यह समस्या और गंभीर हो सकती है, क्योंकि कम रोशनी में सड़क पार कर रहे वाहन या व्यक्ति को दूर से पहचानना मुश्किल होता है।
नमनाकला का कट बना बड़ी चिंता
नमनाकला क्षेत्र में महामाया पेट्रोल पंप के सामने मौजूद बड़ा डिवाइडर कट स्थानीय लोगों के लिए खास चिंता का विषय है। यहां पेट्रोल पंप की वजह से वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है।
इस स्थान पर हाईवा, ट्रेलर और बस जैसे बड़े वाहन भी आते-जाते हैं। जब कोई भारी वाहन डिवाइडर के कट से अचानक सड़क पार करता है तो दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए स्थिति मुश्किल हो जाती है।
बताया गया है कि एक स्थान पर डिवाइडर कट बंद किए जाने के बाद उसे दोबारा हटाने की स्थिति भी बनी थी। इससे यह सवाल उठता है कि कट बंद करने के साथ उनकी नियमित निगरानी और मजबूती सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
पहले हो चुका है हादसा
स्थानीय जानकारी के अनुसार नमनाकला क्षेत्र में खुले डिवाइडर से सड़क पार करने के दौरान एक व्यक्ति की जान जा चुकी है। इसके बावजूद कई स्थानों पर ऐसे कट खुले रहने से लोगों में नाराजगी है।
लोगों का कहना है कि थोड़ी दूरी बचाने के लिए डिवाइडर पार करने की आदत वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वालों के लिए भी खतरा पैदा करती है। मुख्य सड़क पर तेज गति से आने वाले वाहन को अचानक सामने से निकल रहे वाहन को संभालने में परेशानी हो सकती है।
फरवरी में दिया गया था ज्ञापन
रिंग रोड पर यातायात व्यवस्था और खुले डिवाइडर कट की समस्या को लेकर नगर निगम पार्षद शुभम जायसवाल ने फरवरी में सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन के जरिए अनधिकृत कट बंद कराने की मांग की गई थी।
इसमें बताया गया था कि डिवाइडर में बने कटों का इस्तेमाल कर वाहन चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क पार करते हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ता है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर कुछ स्थानों पर कट बंद करने की कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि स्थानीय लोगों के मुताबिक अभी भी कई महत्वपूर्ण स्थानों पर समस्या बनी हुई है।
कलेक्टर के निर्देश के बाद भी पूरी नहीं हुई कार्रवाई
प्रशासन के आदेश के बाद कुछ कट बंद किए गए, लेकिन रिंग रोड के सभी चिन्हित स्थानों पर कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि जब तक सभी अनधिकृत कट बंद नहीं होते, तब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
कुछ स्थानों पर बंद किए गए डिवाइडर को दोबारा खोलने की शिकायत भी सामने आई है। ऐसे में केवल एक बार कट बंद कर देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। यह भी देखना जरूरी होगा कि बंद किए गए स्थानों से दोबारा आवागमन शुरू न हो।
बारिश और सड़क की खराब स्थिति भी चुनौती
रिंग रोड पर खुले कटों के अलावा बारिश के बाद सड़क पर बने गड्ढे भी वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। गड्ढों से बचने के दौरान कई बार वाहन चालक अचानक अपनी दिशा बदलते हैं।
यदि उसी समय कोई वाहन डिवाइडर कट से मुख्य सड़क पर प्रवेश कर रहा हो तो टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर स्थिति और मुश्किल हो सकती है।
इसलिए स्थानीय लोगों का कहना है कि डिवाइडर कट बंद करने के साथ सड़क की मरम्मत, रिफ्लेक्टर, संकेतक और प्रकाश व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
लोगों ने सभी अनधिकृत कट बंद करने की मांग की
शहरवासियों की मांग है कि रिंग रोड का सर्वे कर सभी अनधिकृत डिवाइडर कटों की पहचान की जाए। जिन स्थानों पर वाहनों की आवाजाही अधिक है, वहां पहले कार्रवाई की जाए।
लोगों का यह भी कहना है कि जहां वास्तव में सड़क पार करने की आवश्यकता है, वहां निर्धारित और सुरक्षित यू-टर्न की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे वाहन चालकों को गलत दिशा से सड़क पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यातायात पुलिस की निगरानी भी जरूरी
खुले डिवाइडर कट बंद करने के साथ उन स्थानों पर यातायात पुलिस की निगरानी भी जरूरी बताई जा रही है, जहां लोग बार-बार नियम तोड़कर सड़क पार करते हैं।
नियमों का पालन कराने के लिए कार्रवाई और जागरूकता दोनों की जरूरत होगी। साथ ही बंद किए गए डिवाइडर की समय-समय पर जांच करने से उन्हें दोबारा खोले जाने की संभावना को कम किया जा सकता है।
अब प्रशासन के सामने क्या चुनौती है?
रिंग रोड को सुरक्षित बनाने के लिए सबसे पहले सभी खुले कटों का सर्वे जरूरी है। इसके बाद दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों को प्राथमिकता देते हुए डिवाइडर को स्थायी रूप से बंद किया जाना चाहिए।
पेट्रोल पंप, बाजार, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अधिकृत यू-टर्न निर्धारित किए जा सकते हैं। इसके अलावा सड़क पर स्पष्ट संकेतक, रिफ्लेक्टर और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल खुले डिवाइडर कटों को लेकर स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन अपने पुराने निर्देशों पर जल्द कार्रवाई पूरी करे, ताकि रिंग रोड पर किसी बड़े हादसे की स्थिति बनने से पहले समस्या का समाधान किया जा सके।
स्रोत: नईदुनिया की रिपोर्ट के आधार पर पुनर्लेखित।
यह भी पढ़ें : BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजाम, 25 हजार जवान तैनात



