टेक दिग्गज Meta Platforms ने करीब 8000 कर्मचारियों की छंटनी का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि यह कदम कंपनी को अधिक कुशल और एआई-फोकस्ड बनाने की रणनीति का हिस्सा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के वर्षों में बढ़ते खर्च और प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी अपने संसाधनों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी पर केंद्रित करना चाहती है।
बताया जा रहा है कि छंटनी का असर विभिन्न विभागों पर पड़ेगा, खासकर उन टीमों पर जो कम प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही थीं। मेटा ने हाल के समय में एआई, वर्चुअल रियलिटी और मेटावर्स पर भारी निवेश किया है, जिससे कंपनी का खर्च रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। ऐसे में लागत कम करने और संचालन को सरल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला टेक इंडस्ट्री में जारी बदलाव का संकेत है, जहां कंपनियां तेजी से एआई आधारित भविष्य की ओर बढ़ रही हैं। मेटा का यह कदम आने वाले समय में अन्य टेक कंपनियों की रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है।


