हर साल 12 मई को दुनिया भर में इंटरनेशनल नर्सेस डे मनाया जाता है। यह दिन आधुनिक नर्सिंग की जनक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इस खास दिन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों के अमूल्य योगदान को सम्मान देना और उनके समर्पण को याद करना है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की देखभाल में नर्सें सबसे अहम भूमिका निभाती हैं।
नर्सें न सिर्फ मरीजों की सेवा करती हैं बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी दिन-रात काम कर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाए रखती हैं। कोविड महामारी जैसे संकट के समय उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण रूप से सामने आई, जब उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की। इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों के जरिए नर्सों के योगदान को सराहा जाता है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित और समर्पित नर्सिंग स्टाफ बेहद जरूरी है। इंटरनेशनल नर्सेस डे हमें यह याद दिलाता है कि समाज को स्वस्थ रखने में नर्सें असली हीरो हैं और उनके सम्मान व समर्थन के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।


