दुनियाभर में तेजी से फैल रहे नोरोवायरस ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। यह बेहद संक्रामक वायरस पेट और आंतों को प्रभावित करता है, जिससे उल्टी, दस्त और तेज कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। खास बात यह है कि यह वायरस बहुत तेजी से फैलता है और स्कूल, ऑफिस, क्रूज शिप और भीड़भाड़ वाले स्थानों में इसके मामले अचानक बढ़ जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, नोरोवायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, दूषित भोजन या पानी और गंदी सतहों के जरिए फैलता है। इसके लक्षण आमतौर पर 12–48 घंटे के भीतर दिखने लगते हैं और 1–3 दिन तक बने रह सकते हैं। हालांकि अधिकतर लोग कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है।
इस वायरस से बचाव के लिए हाथों की सफाई, साफ पानी पीना, भोजन को अच्छी तरह पकाना और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इसका कोई खास इलाज नहीं है, इसलिए सावधानी और स्वच्छता ही सबसे प्रभावी बचाव है।


