दुनियाभर में हाल के दिनों में वायरल संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ी है, खासकर हंटावायरस और नोरोवायरस के मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी है। World Health Organization समेत कई स्वास्थ्य संस्थाएं लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रही हैं। हालांकि दोनों वायरस अलग-अलग तरीके से फैलते हैं और इनके लक्षण भी अलग होते हैं, जिससे इनके बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।
हंटावायरस आमतौर पर चूहों और अन्य कृंतकों के संपर्क से फैलता है। संक्रमित जानवरों के मूत्र, मल या लार के संपर्क में आने से यह इंसानों तक पहुंच सकता है और गंभीर फेफड़ों से जुड़ी बीमारी पैदा कर सकता है। दूसरी ओर, नोरोवायरस बेहद संक्रामक होता है और दूषित भोजन, पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता है। यह मुख्य रूप से उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसे लक्षण पैदा करता है और तेजी से फैलने के लिए जाना जाता है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि साफ-सफाई, हाथ धोने की आदत और भोजन की स्वच्छता इन दोनों वायरस से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं। जागरूकता और समय पर सावधानी से संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


