उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण टिहरी बांध झील का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। झील के बढ़ते जलस्तर ने आसपास के गांवों में चिंता बढ़ा दी है। जलभराव के चलते कई इलाकों में गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे मच्छरों और जलजनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में झील का जलस्तर सामान्य सीमा से ऊपर पहुंच गया है। इससे झील के किनारे बसे गांवों में जमीन धंसने और सीवरेज पानी के फैलाव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल सफाई और फॉगिंग की मांग की है।
टिहरी झील के आसपास के इलाकों में डेंगू, मलेरिया और स्किन इंफेक्शन के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल मेडिकल टीमों को सक्रिय कर दिया है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल चिकित्सा सुविधा पहुंचाई जा सके।
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पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ता जलस्तर न केवल भूस्खलन का खतरा बढ़ा रहा है, बल्कि झील के पारिस्थितिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सुझाव दिया है कि झील का जलस्तर नियंत्रित करने और आसपास के इलाकों में जल निकासी व्यवस्था सुधारने की दिशा में त्वरित कदम उठाए जाएं।


