वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के निर्यात क्षेत्र से सकारात्मक खबर सामने आई है। अप्रैल महीने में देश का निर्यात 13.78% की वृद्धि के साथ 43.56 अरब डॉलर के पार पहुंच गया। यह बढ़त ऐसे समय में दर्ज हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक बाजार की चुनौतियां व्यापार पर असर डाल रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की मजबूत मांग ने निर्यात को बढ़ावा दिया। हालांकि पश्चिम एशिया संकट के कारण शिपिंग लागत और सप्लाई चेन पर दबाव जरूर बढ़ा, लेकिन भारतीय निर्यातकों ने नए बाजारों की तलाश कर इस चुनौती का काफी हद तक सामना किया।
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व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं तो आने वाले महीनों में निर्यात में और सुधार देखने को मिल सकता है। सरकार भी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों और व्यापार समझौतों पर काम कर रही है, जिससे भारत की वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।


