WPL 2027 Auction: रिटेंशन लिस्ट में बड़ा बदलाव, RCB-MI-DC ने काटे पत्ते; UP Warriorz के पास सबसे बड़ा पर्स
नई दिल्ली: महिला प्रीमियर लीग (WPL) के 2027 सीजन की तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। पांचों फ्रेंचाइजी ने मिनी ऑक्शन से पहले अपने रिटेन और रिलीज किए गए खिलाड़ियों की सूची तय कर दी है। अब सभी की नजरें 28 अक्टूबर को कोच्चि में होने वाली नीलामी पर होंगी, जहां टीमें अपनी बची हुई जगहों को भरने के साथ कमजोर कड़ियों को मजबूत करने की कोशिश करेंगी।
WPL 2027 का आयोजन 14 जनवरी से 7 फरवरी के बीच होना है। प्रत्येक टीम अधिकतम 18 खिलाड़ियों का स्क्वॉड बना सकती है। इस बार रिटेंशन प्रक्रिया में एक खास बात देखने को मिली—कई टीमों ने अनुभवी घरेलू खिलाड़ियों के साथ-साथ विदेशी नामों को भी रिलीज कर नीलामी के लिए पर्याप्त जगह और बजट तैयार किया है।
RCB ने कोर बरकरार रखा, चार खिलाड़ियों को किया रिलीज
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अपनी टीम की मुख्य रीढ़ को बनाए रखने पर जोर दिया है। स्मृति मंधाना, एलिसे पेरी, रिचा घोष, राधा यादव, श्रेयंका पाटिल और पूजा वस्त्राकर जैसे प्रमुख खिलाड़ियों को बरकरार रखा गया है।
टीम ने ग्रेस हैरिस, लिंसे स्मिथ, डी. हेमलता और गौतमी नायक को रिलीज किया है।
RCB के पास अब 5 स्लॉट उपलब्ध हैं, जिनमें दो विदेशी खिलाड़ियों के लिए जगह है। टीम के पास 1.15 करोड़ रुपये का पर्स बचा है। इसका मतलब यह है कि बेंगलुरु को ऑक्शन में सीमित संख्या में लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खरीदारी करनी होगी।
RCB retained players
Ellyse Perry, Georgia Voll, Lauren Bell, Nadine de Klerk, Arundhati Reddy, Pooja Vastrakar, Prathyoosha Kumar, Prema Rawat, Radha Yadav, Richa Ghosh, Sayali Satghare, Shreyanka Patil, Smriti Mandhana
RCB released players
Grace Harris, Linsey Smith, D Hemalatha, Gautami Nayak
Delhi Capitals ने बल्लेबाजी और स्पिन विभाग में बदलाव किया
दिल्ली कैपिटल्स ने भी अपने स्क्वॉड में फेरबदल किया है। टीम ने अलाना किंग, लिजेल ली, स्नेह राणा, तानिया भाटिया, प्रगति सिंह और एडला सुरजना को रिलीज किया।
वहीं मेग लैनिंग? नहीं, दिल्ली ने अपने मौजूदा कोर में जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, मारिजाने कैप, लौरा वोल्वार्ड्ट और एनाबेल सदरलैंड जैसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को बरकरार रखा है।
DC के पास 5 स्लॉट हैं और इनमें सिर्फ एक विदेशी खिलाड़ी के लिए जगह बची है। टीम के पास 1.10 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं।
DC retained players
Annabel Sutherland, Chinelle Henry, Laura Wolvaardt, Lucy Hamilton, Marizanne Kapp, Deeya Yadav, Jemimah Rodrigues, Mamatha Madiwala, Minnu Mani, N Shree Charani, Nandani Sharma, Niki Prasad, Shafali Verma
DC released players
Alana King, Lizelle Lee, Sneh Rana, Taniya Bhatia, Pragati Singh, Eddla Srujana
Mumbai Indians ने सात स्लॉट खाली किए
दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने सबसे ज्यादा सात स्लॉट खाली रखे हैं। टीम ने घरेलू प्रतिभाओं और गेंदबाजी विकल्पों में बदलाव करते हुए छह खिलाड़ियों को रिलीज किया।
MI ने मिली इलिंगवर्थ, जी. कमालिनी, क्रांति रेड्डी, पूनम खेमनार, सायका इशाक और त्रिवेणी वशिष्ठ को रिलीज किया है।
इसके बावजूद टीम का प्रमुख कोर काफी मजबूत बना हुआ है। नेट स्किवर-ब्रंट, हेले मैथ्यूज, मेलिए केर और हरमनप्रीत कौर जैसे बड़े नाम टीम में बरकरार हैं।
मुंबई के पास 1 करोड़ रुपये का पर्स और सात स्लॉट हैं, जिनमें एक विदेशी खिलाड़ी के लिए जगह है।
MI retained players
Melie Kerr, Hayley Matthews, Nat Sciver-Brunt, Nicola Carey, Amanjot Kaur, Harmanpreet Kaur, Rahila Firdous, S Sajana, Sanskriti Gupta, Shabnim Ismail, Vaishnavi Sharma
MI released players
Milly Illingworth, G Kamalini, Kranthi Reddy, Poonam Khemnar, Saika Ishaque, Triveni Vasistha
Gujarat Giants के पास तीन स्लॉट, लेकिन सबसे बड़ा शुरुआती पर्स
गुजरात जायंट्स ने चार खिलाड़ियों को रिलीज किया है। इनमें डैनी व्याट-हॉज, आयुषी सोनी, तितास साधु और शिवानी सिंह शामिल हैं।
टीम ने एश्ले गार्डनर, बेथ मूनी, जॉर्जिया वेयरहैम, सोफी डिवाइन, रेणुका सिंह, काशवी गौतम और यास्तिका भाटिया सहित अपने कई प्रमुख खिलाड़ियों को बनाए रखा है।
GG के पास सिर्फ 3 स्लॉट खाली हैं, लेकिन उसका 1.25 करोड़ रुपये का पर्स उसे ऑक्शन में सीमित लेकिन लक्षित खरीदारी का मौका देता है।
GG retained players
Ashleigh Gardner, Beth Mooney, Georgia Wareham, Kim Garth, Sophie Devine, Anushka Sharma, Bharti Fulmali, Happy Kumari, Jintimani Kalita, Kanika Ahuja, Kashvee Gautam, Rajeshwari Gayakwad, Renuka Singh, Tanuja Kanwar, Yastika Bhatia
GG released players
Danni Wyatt-Hodge, Ayushi Soni, Titas Sadhu, Shivani Singh
UP Warriorz ने किया सबसे बड़ा बदलाव
रिटेंशन सूची में सबसे बड़ा बदलाव UP Warriorz के स्क्वॉड में दिखाई देता है। टीम ने 9 खिलाड़ियों को रिलीज किया है। इनमें एमी जोन्स, चार्ली नॉट, क्लो ट्रायॉन, डिएंड्रा डॉटिन, आशा शोभना, जी. त्रिशा, किरण नवगिरे, श्वेता सहरावत और सुमन मीणा शामिल हैं।
दूसरी ओर टीम ने मेग लैनिंग, फोएबे लिचफील्ड, सोफी एक्लेस्टोन, दीप्ति शर्मा, हरलीन देओल और शिखा पांडे जैसे खिलाड़ियों को बरकरार रखा है।
UP Warriorz के पास 7 स्लॉट खाली हैं, जिनमें दो विदेशी खिलाड़ियों के लिए जगह है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टीम के पास 3.65 करोड़ रुपये का पर्स बचा है—यानी पांचों फ्रेंचाइजी में ऑक्शन के लिए सबसे बड़ी खरीद क्षमता इसी टीम के पास है।
UPW retained players
Meg Lanning, Phoebe Litchfield, Sophie Ecclestone, Tara Norris, Deepti Sharma, Harleen Deol, Kranti Gaud, Pratika Rawal, Shikha Pandey, Shipra Giri, Simran Shaikh
UPW released players
Amy Jones, Charli Knott, Chloe Tryon, Deandra Dottin, Asha Sobhana, G Trisha, Kiran Navgire, Shweta Sehrawat, Suman Meena
28 अक्टूबर का ऑक्शन क्यों होगा अहम?
रिटेंशन के बाद अब असली रणनीति ऑक्शन टेबल पर दिखाई देगी। किसी टीम ने कितने खिलाड़ी रिलीज किए, यह अकेला आंकड़ा उसकी रणनीति नहीं बताता। असली सवाल यह है कि खाली स्लॉट किस भूमिका के लिए रखे गए हैं।
WPL जैसे छोटे स्क्वॉड वाले टूर्नामेंट में एक या दो खिलाड़ियों की सही खरीद टीम के संतुलन पर बड़ा असर डाल सकती है। खासतौर पर ऑलराउंडर, डेथ-ओवर गेंदबाज, विकेटकीपर-बल्लेबाज और विदेशी मैच-विनर जैसी भूमिकाओं के लिए बोली महत्वपूर्ण हो सकती है।
UP Warriorz के पास सबसे बड़ा पर्स होने के कारण उनके पास कई स्लॉट भरने की गुंजाइश है, जबकि RCB और DC को कम जगह में अधिक विशिष्ट जरूरतों पर खर्च करना होगा। मुंबई के पास सबसे ज्यादा स्लॉट में से एक उपलब्ध है, इसलिए उसकी नीलामी रणनीति भी देखने लायक होगी।
WPL में घरेलू खिलाड़ियों के लिए बढ़ते अवसर
WPL की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक यह रही है कि भारतीय महिला क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ियों के साथ नियमित रूप से खेलने का मंच मिला है। रिटेंशन और रिलीज की प्रक्रिया भी इसी प्रतिस्पर्धी माहौल का हिस्सा है।
हर ऑक्शन में कुछ स्थापित नाम बाजार में आते हैं और उनके साथ युवा भारतीय खिलाड़ियों के लिए भी जगह बनती है। इसलिए 28 अक्टूबर की नीलामी सिर्फ बड़ी विदेशी खिलाड़ियों की बोली तक सीमित नहीं होगी; घरेलू प्रतिभाओं के लिए भी यह अगले चरण में पहुंचने का महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है।



