Winter Care Alert: ऊनी कपड़ों से सीलन की बदबू हटाने के 7 असरदार तरीके, बिना नुकसान ऐसे रखें स्वेटर फ्रेश
सर्दियों में स्वेटर, कार्डिगन और दूसरे ऊनी कपड़े ठंड से बचाने के लिए अलमारी से बाहर निकल आते हैं। लेकिन कई बार पसंदीदा स्वेटर पहनने से पहले ही उसमें से सीलन या बंद अलमारी जैसी अजीब गंध आने लगती है। खासकर लंबे समय तक रखे गए ऊनी कपड़ों में यह परेशानी ज्यादा देखने को मिलती है।
अक्सर लोग ऐसी गंध को दूर करने के लिए तेज परफ्यूम या सामान्य डिटर्जेंट का इस्तेमाल करते हैं। इससे कुछ समय के लिए बदबू दब सकती है, लेकिन उसकी असली वजह खत्म नहीं होती। ऊनी कपड़ों की देखभाल में सबसे जरूरी बात यह समझना है कि गंध कहां से आ रही है और कपड़े के रेशों को नुकसान पहुंचाए बिना उसे कैसे दूर किया जाए।
आखिर ऊनी कपड़ों में क्यों बस जाती है सीलन की गंध?
ऊनी कपड़ों में बदबू आने के पीछे सबसे आम वजह नमी है। पसीना, अधूरी धुलाई, ठीक से नहीं सूखना और लंबे समय तक बंद जगह में रखे रहना इस समस्या को बढ़ा सकता है।
जब कपड़ों में नमी बनी रहती है, तो बैक्टीरिया और फफूंद के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। इससे कपड़ों में बासी या सीलन जैसी गंध पैदा होती है।
कई बार समस्या कपड़े की बजाय अलमारी या वॉशिंग मशीन में भी हो सकती है। इसलिए केवल स्वेटर को दोबारा धोना ही हर स्थिति में सही समाधान नहीं है।
1. सफेद सिरके से कम हो सकती है बदबू
ऊनी कपड़ों में हल्की सीलन की गंध होने पर सफेद सिरका उपयोगी हो सकता है। इसकी अम्लीय प्रकृति कुछ गंध पैदा करने वाले अवशेषों को कम करने में मदद करती है।
हालांकि, ऊनी कपड़ों को सामान्य कपड़ों की तरह मशीन में धोना सही नहीं है। सबसे पहले केयर लेबल देखें। यदि कपड़े पर मशीन वॉश की अनुमति है, तो निर्माता के निर्देशों के अनुसार वूल-सेफ वॉशिंग प्रक्रिया अपनाएं।
सिरके का इस्तेमाल भी तभी करें जब कपड़े के निर्देश इसकी अनुमति देते हों। इसे कभी भी ब्लीच के साथ न मिलाएं।
2. बेकिंग सोडा से दूर करें बासी गंध
बेकिंग सोडा गंध को सोखने और कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन इसे सीधे ऊनी कपड़ों पर डालकर रगड़ना उचित नहीं है।
एक बेहतर तरीका यह है कि स्वेटर को पूरी तरह सूखा करके किसी साफ, हवादार जगह पर रखें। आसपास बेकिंग सोडा से भरा खुला कंटेनर रखा जा सकता है, ताकि बंद स्टोरेज में मौजूद गंध कम करने में मदद मिले।
यदि कपड़े पर इसका इस्तेमाल करना हो, तो पहले फैब्रिक केयर निर्देशों की जांच करें।
3. धुलाई के बाद तुरंत निकालें कपड़े
वॉशिंग मशीन में धुलाई पूरी होने के बाद ऊनी कपड़ों को लंबे समय तक अंदर छोड़ना बड़ी गलती हो सकती है।
मशीन के अंदर बंद नमी के कारण कपड़ों में फिर से सीलन की गंध विकसित हो सकती है। इसलिए धुलाई पूरी होते ही कपड़ों को बाहर निकालें और निर्देशों के अनुसार सुखाने की व्यवस्था करें।
4. स्वेटर को सुखाने का तरीका भी है महत्वपूर्ण
ऊनी कपड़ों को सुखाते समय सावधानी जरूरी है। तेज धूप, अधिक तापमान और गलत तरीके से लटकाने पर उनका आकार बिगड़ सकता है या रेशों को नुकसान पहुंच सकता है।
बेहतर तरीका यह है कि स्वेटर को साफ सूखे तौलिए पर फैलाकर रखें और उसे प्राकृतिक हवा वाली जगह पर सूखने दें। मोटे स्वेटर को बीच-बीच में पलट सकते हैं, ताकि दोनों तरफ की नमी निकल सके।
कपड़े को तब तक अलमारी में न रखें, जब तक वह अंदर तक पूरी तरह सूख न जाए।
5. गीले ऊनी कपड़ों को कपड़ों की टोकरी में न छोड़ें
पसीने से नम हुए स्वेटर या बारिश में भीगे ऊनी कपड़ों को कई घंटों तक बंद टोकरी में रखना सही नहीं है।
ऐसी जगहों पर हवा का आवागमन कम होता है और नमी बनी रहती है। इससे बदबू बढ़ने के साथ फफूंद विकसित होने का जोखिम भी हो सकता है।
इसलिए इस्तेमाल के बाद स्वेटर को पहले हवा लगने दें। यदि कपड़ा गीला है, तो उसकी देखभाल के निर्देशों के अनुसार जल्द सुखाएं।
6. वॉशिंग मशीन की सफाई को न करें नजरअंदाज
कई बार कपड़े साफ करने वाली मशीन ही बदबू की वजह बन जाती है। मशीन के ड्रम, रबर सील, डिटर्जेंट ट्रे और पानी निकलने वाले हिस्सों में गंदगी या फफूंद जमा हो सकती है।
ऐसी स्थिति में धुलाई के बाद भी कपड़ों में अजीब गंध रह सकती है।
मशीन की नियमित सफाई करें। इसके लिए निर्माता द्वारा बताए गए क्लीनिंग साइकल और सफाई के उत्पादों का इस्तेमाल करें। मशीन इस्तेमाल के बाद उसका दरवाजा कुछ समय खुला रखने से अंदर की नमी कम होने में मदद मिल सकती है।
7. अलमारी में नमी रोकना है सबसे जरूरी
अगर स्वेटर धोने और सुखाने के बाद भी कुछ दिनों में बदबू करने लगता है, तो अलमारी की स्थिति जांचना जरूरी है।
बंद अलमारी में नमी जमा होने से कपड़ों में दोबारा सीलन आ सकती है। इसके लिए अलमारी को समय-समय पर खोलकर हवा लगाएं और कपड़ों को पूरी तरह सूखने के बाद ही रखें।
सिलिका जेल पाउच जैसे नमी सोखने वाले उत्पादों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इन्हें बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें।
कब सिर्फ धुलाई काफी नहीं होती?
यदि ऊनी कपड़ों में लंबे समय से फफूंद की गंध आ रही है या उन पर दिखाई देने वाले फफूंद के निशान हैं, तो सामान्य घरेलू उपाय पर्याप्त नहीं हो सकते।
ऐसी स्थिति में कपड़े के केयर लेबल के अनुसार विशेषज्ञ ड्राई क्लीनिंग या उचित फैब्रिक ट्रीटमेंट लेना बेहतर है। तेज केमिकल, गर्म पानी और जोर से रगड़ने से ऊन के रेशे खराब हो सकते हैं।
सर्दियों में स्वेटर लंबे समय तक रखेंगे फ्रेश
ऊनी कपड़ों की बदबू दूर करने का स्थायी तरीका केवल खुशबूदार उत्पादों का इस्तेमाल करना नहीं है। असली जरूरत नमी को नियंत्रित करने, सही तरीके से धुलाई करने और कपड़ों को पूरी तरह सुखाकर रखने की है।
अगर इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो पसंदीदा स्वेटर को बार-बार धोने की जरूरत कम पड़ सकती है और उसकी गुणवत्ता भी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
याद रखें, ऊनी कपड़ों की देखभाल में जल्दबाजी से ज्यादा जरूरी है सही तरीका।




