रूस की राजधानी Moscow में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विक्ट्री डे परेड आयोजित की गई। इस बार की परेड कई मायनों में अलग रही, क्योंकि पहली बार इसमें भारी टैंक और मिसाइल सिस्टम शामिल नहीं किए गए। सुरक्षा कारणों और मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए कार्यक्रम को सीमित स्वरूप में आयोजित किया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, परेड में मुख्य रूप से सैनिक टुकड़ियों की मार्च और सैन्य बैंड की प्रस्तुतियां शामिल रहीं। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्यक्रम को प्रतीकात्मक रूप में आयोजित किया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव मौजूदा सुरक्षा चिंताओं और युद्ध संबंधी परिस्थितियों का संकेत है। हालांकि परेड का आयोजन जारी रखते हुए Russia ने अपने ऐतिहासिक और राष्ट्रीय गौरव की परंपरा को बनाए रखने का संदेश दिया है।


