नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar ने समाज और मीडिया में सकारात्मक खबरों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यदि प्रेरणादायक और रचनात्मक समाचारों को नजरअंदाज किया गया, तो युवाओं पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार नकारात्मकता पर केंद्रित माहौल युवाओं की सोच और दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकता है, जिसे उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से ‘कॉकरोच का अनुसरण’ करने जैसी स्थिति बताया।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश में विज्ञान, शिक्षा, नवाचार, खेल और सामाजिक विकास के क्षेत्र में अनेक सकारात्मक उपलब्धियां हो रही हैं, लेकिन कई बार उन्हें पर्याप्त महत्व नहीं मिल पाता। उनका मानना है कि युवाओं के सामने प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करना समय की आवश्यकता है, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित हों।
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उपराष्ट्रपति ने मीडिया, शैक्षणिक संस्थानों और समाज के विभिन्न वर्गों से सकारात्मक पहलुओं को अधिक प्रमुखता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि संतुलित और रचनात्मक दृष्टिकोण न केवल युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा, बल्कि देश के विकास और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


