वैभव सूर्यवंशी आज फिर से इंटरनेशनल मैच के लिए मैदान में उतरने जा रहे हैं। उनका डेब्यू इंग्लैंड खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज में ही हो गया था, लेकिन तब वे ज्यादा रन नहीं बना पाए थे। अब फिर से उनके पास मौका है, जहां वे खुद को साबित करना चाहेंगे। इस बीच सीरीज के दौरान वैभव और उनके जोड़ीदार अभिषेक शर्मा के बीच सिक्सर किंग बनने की जंग होगी। दोनों के बीच अभी ज्यादा अंतर नहीं है, लेकिन इस सीरीज के बाद कौन आगे निकल जाएगा, कहना मुश्किल है।
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इस साल टी20 में फिन ऐलन ने लगाए हैं सबसे ज्यादा सिक्स, वैभव दूसरे नंबर पर काबिज
इस साल यानी 2026 में अब तक टी20 क्रिकेट में छक्के लगाने वाले बल्लेबाज फिन ऐलन हैं। जिन्होंने 40 मैच खेलकर 90 सिक्स लगा दिए हैं। भारत के वैभव सूर्यवंशी दूसरे नंबर पर हैं। वैभव ने अब तक 19 टी20 मैच खेलकर ही 77 सिक्स लगाए हैं। यहां ध्यान रखिएगा कि सभी टी20 मैचों की बात हो रही है। इसमें आईपीएल और बाकी टूर्नामेंट के भी छक्के जुड़े हुए हैं। रियान रिकल्टन 76 सिक्स के साथ तीसरे नंबर पर हैं। भारत के अभिषेक शर्मा नंबर चार पर हैं।
अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी के बीच काफी कम अंतर
अभिषेक शर्मा ने अब तक इस साल 35 टी20 मैच खेलकर 74 सिक्स लगाने में कामयाबी हासिल की है। यानी वैभव और अभिषेक के बीच केवल तीन सिक्स का ही अंतर है, जो इन जैसे बल्लेबाजों के लिए बहुत नहीं हैं। अब आज से भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज शुरू हो रही है, इसमें तीन मैच होंगे। इस बात की पूरी उम्मीद है कि इन दोनों बल्लेबाजों को सभी तीन मैच खेलने का मौका मिलेगा। ऐसे में ये जंग और भी परवान चढ़ेगी। देखना होगा कि जब ये सीरीज खत्म होगी तो कौन बाजी मारता है। क्या वैभव फिन ऐलन को पीछे छोड़कर नंबर वन बन पाएंगे, ये देखना भी दिलचस्प होगा।
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जिम्बाब्वे के खिलाफ अपनी कमजोर कड़ी पर वैभव को करना होगा काम
आपको हमने पहले भी बताया कि वैभव सूर्यवंशी का इंटरनेशनल डेब्यू काफी फीका रहा था। वे इंग्लैंड के खिलाफ पारी का आगाज करने के लिए आए, लेकिन बड़ा स्कोर नहीं कर पाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंदों से वैभव की परीक्षा ली और इसमें वे फेल रहे। शॉर्ट बॉल वैभव की कमजोरी के तौर पर उभरकर सामने आई है। जो काम इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर ने किया, क्या वही जिम्बाब्वे के गेंदबाज भी करेंगे, ये देखना होगा। साथ ही ये भी देखना अहम होगा कि क्या वैभव ने अपनी इस कमजोरी पर कुछ काम किया है।






