United States की संसद में एक नए प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि देश के शीर्ष सत्ता पदों पर केवल जन्मजात अमेरिकी नागरिकों को ही नियुक्त किया जाना चाहिए। इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार समूहों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
विरोध करने वालों का कहना है कि यह प्रस्ताव लोकतांत्रिक मूल्यों और समान अवसर की भावना के खिलाफ है। आलोचकों के मुताबिक अमेरिका प्रवासियों का देश रहा है और इस तरह के नियम से लाखों नागरिकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं प्रस्ताव का समर्थन करने वाले नेताओं का तर्क है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए यह कदम जरूरी है।
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इस मुद्दे ने अमेरिकी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर भी लोग खुलकर अपनी राय दे रहे हैं और प्रस्ताव को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा गरमा सकता है, क्योंकि इसे लेकर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह विरोध बढ़ता जा रहा है।


