कोरबा जिले के पोंडी उपरोड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की छात्राओं ने अधीक्षिका पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। प्रशासन के मौके पर पहुंचने और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
अचानक हुए प्रदर्शन के कारण करीब आधे घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रही छात्राओं का आरोप है कि छात्रावास में रोज देर रात तक धार्मिक अनुष्ठान और पूजापाठ कराया जाता है, जिससे उनकी पढ़ाई और आराम प्रभावित होता है। विरोध करने पर उन्हें फटकार लगाई जाती है। छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि छात्रावास में नियमित रूप से अधपका और निम्न गुणवत्ता का भोजन परोसा जाता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
इसके अलावा छात्राओं ने आरोप लगाया कि अधीक्षिका उनसे हाथ-पैर की मालिश जैसे निजी कार्य भी कराती हैं। मना करने पर मारपीट, डांट-फटकार और छात्रावास से निकालने की धमकी दी जाती है। इन सभी कारणों से छात्राओं में लंबे समय से नाराजगी थी। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने पहले भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूर होकर उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार विनय देवांगन, नायब तहसीलदार सुमन मानिकपुरी, बीईओ के.आर. दयाल, जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय और बांगो थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्राओं ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। अधिकारियों ने छात्राओं के अलग-अलग बयान दर्ज किए हैं और कहा है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर अधीक्षिका के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



