भिलाई के जवाहर मार्केट में पारख ज्वेलर्स में भीषण आग, लाखों के नुकसान की आशंका
भिलाई। पावर हाउस स्थित जवाहर मार्केट में सोमवार तड़के एक ज्वेलरी स्टोर में लगी आग ने कुछ ही देर में गंभीर रूप ले लिया। पारख ज्वेलर्स के स्टोर से धुआं और आग की लपटें उठती देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दुर्ग अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया।
जानकारी के मुताबिक आग तड़के करीब 3:21 बजे लगी। उस समय बाजार बंद था और दुकानों में आमतौर पर लोगों की आवाजाही नहीं रहती। इसी वजह से आग का शुरुआती पता लगना और उसे नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण था। सूचना मिलने के बाद दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की।
दुकान के अंदर तेजी से फैली आग
दमकल टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो आग दुकान के भीतर काफी फैल चुकी थी। आग पर काबू पाने के लिए करीब एक टैंकर पानी का इस्तेमाल किया गया। टीम की कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बाजार की संकरी गलियां रहीं, जिनके कारण दमकल वाहन को घटनास्थल तक पहुंचाने में परेशानी हुई।
इसके बावजूद अग्निशमन कर्मियों ने समय रहते आग को नियंत्रित कर लिया। इससे आसपास की अन्य दुकानों और बाजार के बड़े हिस्से तक आग पहुंचने का खतरा टल गया।
लाखों के नुकसान का अनुमान, वास्तविक आंकड़ा जांच के बाद
आग की वजह से ज्वेलरी स्टोर के अंदर रखा सामान और अन्य सामग्री प्रभावित होने की बात सामने आई है। प्रारंभिक तौर पर कई लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक नुकसान कितना हुआ है, इसका स्पष्ट आकलन जांच और दुकान में मौजूद सामान के मिलान के बाद ही हो सकेगा।
खास बात यह है कि प्रारंभिक जानकारी में आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। बिना जांच के आग की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
संकरी गलियों ने बढ़ाई चुनौती
जवाहर मार्केट जैसे घने और पुराने व्यावसायिक क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं के दौरान दमकल विभाग के सामने केवल आग बुझाने की चुनौती नहीं होती, बल्कि घटनास्थल तक तेजी से पहुंचना भी बड़ी समस्या बन जाता है।
इस घटना में भी बाजार की संकरी गलियों के कारण दमकल वाहन की आवाजाही प्रभावित हुई। ऐसे बाजारों में दुकानों के बीच कम दूरी होने के कारण आग तेजी से दूसरी दुकानों तक फैल सकती है। इसलिए शुरुआती प्रतिक्रिया और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रखना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
इस मामले में दमकल दल की समय पर कार्रवाई से आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोकने में मदद मिली।
दमकल टीम ने संभाला मोर्चा
आग बुझाने की कार्रवाई दल प्रभारी विजय चतुर्वेदी के नेतृत्व में की गई। टीम में रामनाथ कुरे, जितेन्द्र वर्मा और हरीश शामिल रहे। दमकल कर्मियों ने लगातार प्रयास करते हुए आग को नियंत्रित किया।
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राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, दुकान में हुए आर्थिक नुकसान का अंतिम आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
बाजारों में फायर सेफ्टी पर फिर उठता है सवाल
जवाहर मार्केट की घटना केवल एक दुकान में आग लगने तक सीमित नहीं है। घनी आबादी वाले पुराने बाजारों में आग लगने की स्थिति में संकरी सड़कें, दुकानों में ज्वलनशील सामग्री और सीमित आपातकालीन पहुंच जोखिम को बढ़ा सकती है।
ऐसे बाजारों में नियमित विद्युत वायरिंग की जांच, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन रास्तों को खाली रखना और दुकानदारों को आग से निपटने की प्राथमिक जानकारी देना नुकसान को सीमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।



