गले में कफ से परेशान? ये 5 आसान उपाय दिला सकते हैं राहत, जानें कब जरूरी है डॉक्टर
गले में बार-बार बलगम जमा होना, लगातार खांसी आना या ऐसा महसूस होना कि गले में कुछ अटका हुआ है—ये परेशानियां रोजमर्रा के काम और नींद दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। कई लोगों को सुबह उठते ही गला साफ करने की जरूरत महसूस होती है, जबकि कुछ लोगों को नाक बंद होने या गले में खराश के साथ कफ की शिकायत रहती है।
इसके पीछे सर्दी-जुकाम, एलर्जी, नाक से बलगम का गले की ओर बहना या सांस की नलियों में संक्रमण जैसी वजहें हो सकती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान उपायों से गले को आराम मिल सकता है। हालांकि, कफ का सही इलाज उसकी वजह पर निर्भर करता है और हर स्थिति में घरेलू उपाय पर्याप्त नहीं होते।
गले में कफ क्यों जमा होता है?
हमारा शरीर नाक और सांस की नलियों को नम रखने तथा धूल और दूसरे कणों से बचाने के लिए बलगम बनाता है। सामान्य परिस्थितियों में यह प्रक्रिया परेशानी पैदा नहीं करती, लेकिन सर्दी-जुकाम, एलर्जी या संक्रमण के दौरान बलगम बढ़ सकता है या गाढ़ा महसूस हो सकता है।
कभी-कभी नाक में बना बलगम पीछे की ओर गले में बहता है। इसे पोस्टनेजल ड्रिप कहा जाता है। इससे बार-बार खांसी, गला साफ करने की इच्छा और गले में कुछ जमा होने का एहसास हो सकता है।
यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो एसिड रिफ्लक्स, धूम्रपान या वायु प्रदूषण जैसे कारणों पर भी विचार करना पड़ सकता है। इसलिए केवल कफ के लक्षण देखकर बीमारी का अनुमान लगाना सही नहीं है।
1. गुनगुना पानी और तरल पदार्थ लें
गले में बलगम जमा होने पर पर्याप्त पानी पीना सबसे आसान उपायों में से एक है। शरीर में पानी की कमी होने पर बलगम गाढ़ा महसूस हो सकता है। पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से गले की नमी बनाए रखने में मदद मिलती है।
- दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें।
- गुनगुना पानी, हल्का सूप या दूसरे आरामदायक तरल पदार्थ ले सकते हैं।
- बहुत गर्म पेय से बचें, क्योंकि इससे गले में जलन हो सकती है।
ध्यान रखें कि गुनगुना पानी आराम दे सकता है, लेकिन यह हर तरह के संक्रमण या लगातार बने रहने वाले कफ का इलाज नहीं है।
2. नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करें
अगर कफ के साथ गले में खराश या हल्की जलन भी है, तो नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करने से राहत मिल सकती है।
एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ा नमक मिलाएं। इससे गरारे करें और पानी को निगलने के बजाय थूक दें। जरूरत के अनुसार दिन में कुछ बार ऐसा किया जा सकता है।
यह उपाय गले की परेशानी कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन बलगम बनने की मूल वजह को खत्म नहीं करता। छोटे बच्चों को गरारे तभी करवाएं, जब वे सुरक्षित तरीके से ऐसा कर सकें।
3. कमरे की हवा में नमी बनाए रखें
सूखी हवा नाक और गले में जलन बढ़ा सकती है। ऐसे में साफ ह्यूमिडिफायर से कमरे की हवा में नमी बनाए रखना कुछ लोगों को आराम दे सकता है।
ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करते समय उसकी नियमित सफाई जरूरी है, ताकि उसमें फफूंद या हानिकारक सूक्ष्मजीव न पनपें।
उबलते पानी के बर्तन के ऊपर झुककर भाप लेने से बचें। इससे चेहरा, त्वचा या सांस की नली जलने का खतरा हो सकता है। भाप लेना जरूरी उपचार नहीं है; नाक बंद होने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से कमरे की नमी बनाए रखना बेहतर विकल्प हो सकता है।
4. खांसी में शहद से मिल सकती है राहत
अगर कफ के साथ खांसी भी है, तो एक साल से अधिक उम्र के लोगों में थोड़ा शहद खांसी को शांत करने में मदद कर सकता है। इसे सीधे या गुनगुने पानी में मिलाकर लिया जा सकता है।
लेकिन एक साल से छोटे बच्चों को शहद बिल्कुल नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे शिशु बोटुलिज्म का गंभीर खतरा रहता है।
यह भी समझना जरूरी है कि शहद खांसी के लक्षणों में राहत दे सकता है, लेकिन संक्रमण या सांस की किसी गंभीर बीमारी का विकल्प नहीं है। मधुमेह से पीड़ित लोगों को शहद में मौजूद शर्करा का भी ध्यान रखना चाहिए।
5. धुएं, धूल और सिगरेट से दूरी रखें
धूम्रपान, परोक्ष धूम्रपान, धूल और वायु प्रदूषण गले तथा सांस की नलियों में जलन पैदा कर सकते हैं। इससे खांसी और बलगम की परेशानी बढ़ सकती है।
राहत पाने के लिए धुएं वाले स्थानों से बचें, घर में धूल कम रखने की कोशिश करें और जरूरत पड़ने पर प्रदूषण से बचाव के लिए उपयुक्त मास्क का इस्तेमाल करें।
यदि किसी खास मौसम, धूल या पालतू जानवरों के संपर्क में आने पर बार-बार कफ की समस्या होती है, तो एलर्जी की संभावना पर डॉक्टर से चर्चा करना उपयोगी हो सकता है।
गले में कफ होने पर इन गलतियों से बचें
कुछ आदतें परेशानी को बढ़ा सकती हैं या सही उपचार में देरी कर सकती हैं।
- बार-बार जोर लगाकर गला साफ करने से बचें। इसकी जगह पानी की छोटी घूंट लें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक न लें। सर्दी-जुकाम के कई मामले वायरस के कारण होते हैं, जिन पर एंटीबायोटिक काम नहीं करते।
- कफ की दवा अपनी उम्र, अन्य बीमारियों और इस्तेमाल की जा रही दवाओं को ध्यान में रखे बिना न लें।
- यदि कफ बार-बार लौटता है या कई दिनों तक बना रहता है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें।
कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
गले में कफ की समस्या अक्सर सामान्य कारणों से होती है, लेकिन कुछ लक्षण गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं।
तुरंत चिकित्सा सहायता लें यदि:
- सांस लेने में परेशानी हो।
- सीने में तेज दर्द हो।
- खांसी के साथ खून आए।
- निगलने में गंभीर परेशानी हो या लार भी न निगल पा रहे हों।
तेज या लगातार बुखार, बढ़ती खांसी, शरीर में पानी की कमी या लक्षणों में सुधार न होने पर भी डॉक्टर से संपर्क करें। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या दूसरी सांस संबंधी बीमारियों वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।



