सऊदी अरब में ब्लास्ट से बढ़ा संकट: एयरपोर्ट बंद, Air India की फ्लाइट लौटी; भारतीयों के लिए हाई अलर्ट
नई दिल्ली। सऊदी अरब में लगातार हुए हमलों ने हवाई यात्रा और नागरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। राजधानी रियाद के प्रमुख हवाई अड्डे सहित संवेदनशील ठिकानों पर हमलों के बाद दिल्ली से रियाद जा रही एयर इंडिया की उड़ान को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। इसके बाद एयरलाइंस ने रियाद के लिए कई उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है।
यह घटनाक्रम केवल एक एयरपोर्ट के बंद होने तक सीमित नहीं है। सऊदी अरब पश्चिम एशिया का एक महत्वपूर्ण विमानन और आर्थिक केंद्र है और भारत के साथ उसके हवाई संपर्क का इस्तेमाल हर दिन बड़ी संख्या में यात्री करते हैं। ऐसे में सुरक्षा कारणों से उड़ानों पर लगने वाला प्रतिबंध सीधे तौर पर यात्रियों, कारोबार और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय को प्रभावित कर सकता है।
अरब सागर के ऊपर से दिल्ली लौट आया विमान
एयर इंडिया की उड़ान AI2243 दिल्ली से रियाद के लिए रवाना हुई थी। विमान गुजरात के ऊपर से आगे बढ़ते हुए अरब सागर के क्षेत्र में पहुंचा, लेकिन सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के बाद उड़ान को रियाद ले जाने के बजाय दिल्ली की ओर मोड़ दिया गया।
विमान को वापस बुलाने का फैसला बताता है कि एयरलाइंस के लिए मौजूदा परिस्थितियों में सुरक्षा प्राथमिकता बन गई है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में किसी संभावित संघर्ष क्षेत्र या उसके आसपास हवाई क्षेत्र की स्थिति तेजी से बदल सकती है। ऐसे में विमान को गंतव्य तक पहुंचाने की तुलना में सुरक्षित मार्ग पर वापस लाना कहीं अधिक महत्वपूर्ण होता है।
10 अक्टूबर तक कई उड़ानों पर रोक
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए एयर इंडिया, इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद जाने वाली अपनी उड़ानों को 10 अक्टूबर तक रद्द करने की घोषणा की है। प्रभावित यात्रियों को किराए की पूरी राशि वापस किए जाने की जानकारी दी गई है।
यात्रियों के लिए इसका अर्थ केवल टिकट रद्द होना नहीं है। रियाद में नौकरी, कारोबार, परिवार या आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट से जुड़े लोगों को अपनी पूरी यात्रा योजना बदलनी पड़ सकती है। खासकर खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले भारतीयों के लिए अचानक उड़ान बंद होना व्यावहारिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी पैदा कर सकता है।
किंग खालिद एयरपोर्ट पर हमले ने बढ़ाई चिंता
रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस घटनाक्रम के केंद्र में है। रिपोर्टों के अनुसार, एयरपोर्ट के आसपास धमाके हुए और इसके बाद हवाई अड्डे को बंद किया गया।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और कम से कम आठ लोग घायल हुए। हूतियों ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
हवाई अड्डा किसी भी देश के लिए केवल यात्रियों के आने-जाने का स्थान नहीं होता। यह महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे का हिस्सा है। इसलिए एयरपोर्ट जैसे स्थान पर हमला होने की स्थिति में विमान संचालन के साथ-साथ ग्राउंड स्टाफ, यात्रियों, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और आसपास के नागरिक क्षेत्रों की सुरक्षा भी तत्काल चिंता बन जाती है।
भारतीय दूतावास ने जारी की अहम एडवाइजरी
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने जरूरत पड़ने पर घर के भीतर रहने और स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा है।
भारतीय नागरिकों को सोशल मीडिया पर हमलों से संबंधित वीडियो या अपुष्ट समाचार साझा अथवा दोबारा पोस्ट नहीं करने की सलाह भी दी गई है। संकट के समय यह निर्देश खास महत्व रखता है, क्योंकि गलत या पुरानी जानकारी तेजी से फैलने पर लोगों में अनावश्यक भय पैदा हो सकता है और सुरक्षा एजेंसियों के लिए स्थिति और जटिल हो सकती है।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय कॉन्सुलेट की सेवाएं जारी हैं। जरूरत पड़ने पर भारतीय मिशन की ओर से नए अपडेट और दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
भारतीयों के लिए हेल्पलाइन भी उपलब्ध
सऊदी अरब में किसी सहायता की जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र की 24×7 हेल्पलाइन 8002471234 पर संपर्क कर सकते हैं।
ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों के बजाय भारतीय दूतावास, सऊदी प्रशासन और संबंधित एयरलाइन के आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करना चाहिए। उड़ान की स्थिति लगातार बदल सकती है, इसलिए एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि करना भी जरूरी है।
भारत ने नागरिक ठिकानों पर हमले की निंदा की
भारत ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को अस्वीकार्य बताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
भारत का यह रुख पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उसकी पारंपरिक प्राथमिकता को भी दर्शाता है—क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण नागरिक ढांचे की रक्षा।
आगे क्या हो सकता है?
अगले कुछ दिन विमानन क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। यदि सुरक्षा स्थिति जल्दी नियंत्रित होती है तो रद्द उड़ानों का संचालन धीरे-धीरे बहाल हो सकता है। लेकिन तनाव बढ़ने की स्थिति में उड़ानों के मार्ग बदलने, अतिरिक्त रद्दीकरण या अन्य खाड़ी हवाई अड्डों पर दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
भारतीय यात्रियों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। जिन लोगों की रियाद यात्रा अगले कुछ दिनों में निर्धारित है, उन्हें एयरलाइन से संपर्क में रहना चाहिए और बिना पुष्टि के एयरपोर्ट नहीं पहुंचना चाहिए।
सऊदी अरब में रहने वाले भारतीयों को भी स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए। मौजूदा घटनाक्रम यह स्पष्ट करता है कि पश्चिम एशिया में किसी भी नए सैन्य तनाव का असर कुछ ही घंटों में अंतरराष्ट्रीय विमानन और यात्रियों की योजनाओं पर पड़ सकता है।



