दिशा सालियान केस में नाम आने के बाद सूरज पंचोली का बड़ा दावा, बोले- ‘मैं उनसे कभी मिला ही नहीं’, जान से मारने की धमकियों का भी जिक्र
मुंबई। दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है और CBI की नई जांच के बीच अभिनेता सूरज पंचोली ने अपने नाम को लेकर सार्वजनिक रूप से सफाई दी है। पंचोली ने कहा है कि उनका दिशा सालियान से कभी कोई व्यक्तिगत संपर्क नहीं रहा और उन्होंने जांच एजेंसियों से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच करने की अपील की है। अपने सोशल मीडिया बयान में अभिनेता ने यह भी दावा किया कि उन्हें ऑनलाइन गालियां और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
CBI जांच शुरू होने के बाद फिर सामने आया नाम
दिशा सालियान की जून 2020 में मुंबई में मौत हुई थी। लंबे समय से इस मामले को लेकर अलग-अलग दावे और सवाल सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा रहे हैं। अब बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने मामले में FIR दर्ज कर नई जांच शुरू की है। जांच में पुराने पुलिस रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, फोरेंसिक और पोस्टमार्टम से जुड़े दस्तावेजों तथा पहले हुई जांच की भी समीक्षा की जा रही है।
इसी जांच के दौरान कई लोगों के नाम सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार सूरज पंचोली का नाम भी FIR में जांच के दायरे में आए लोगों में शामिल है। लेकिन किसी FIR में किसी व्यक्ति का नाम या उसकी भूमिका का उल्लेख होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। अंतिम निष्कर्ष जांच से मिलने वाले साक्ष्यों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
सूरज पंचोली ने क्या कहा?
पंचोली ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए विस्तृत बयान में कहा कि वह दिशा सालियान से अपनी जिंदगी में कभी नहीं मिले। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने न तो दिशा से सीधे संपर्क किया और न ही किसी अप्रत्यक्ष माध्यम से उनसे मुलाकात हुई।
अभिनेता का दावा है कि उनके बारे में लंबे समय से सोशल मीडिया पर ऐसी बातें कही जाती रही हैं, जिनका वह अपने जीवन से कोई संबंध नहीं मानते। उन्होंने कहा कि इस विवाद के बीच उन्हें अपमानजनक टिप्पणियों के साथ जान से मारने की धमकियां भी मिली हैं।
पंचोली ने यह भी कहा कि वह अपने जीवन और करियर को दोबारा व्यवस्थित करने की कोशिश कर रहे हैं और इस वजह से अपने नाम को लेकर उठ रहे सवालों पर चुप नहीं रहना चाहते। उन्होंने जांच एजेंसियों से मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
जांच का सामना करने की बात, लेकिन फैसला सबूतों से होगा
पंचोली ने अपने बयान में कहा कि यदि जांच में उनके खिलाफ कोई ठोस तथ्य सामने आता है तो वह कानून के अनुसार कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह जांच में सहयोग करेंगे।
यही बिंदु इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति का नाम सामने आना और जांच में उसके खिलाफ प्रमाण मिलना दो अलग-अलग बातें हैं। किसी हाई-प्रोफाइल मामले में सार्वजनिक चर्चा तेजी से आरोप और निष्कर्ष का रूप ले सकती है, लेकिन कानूनी रूप से किसी व्यक्ति की भूमिका का निर्धारण जांच में सामने आने वाले प्रमाणों से ही होना चाहिए।
अब CBI जांच पर टिकी निगाहें
दिशा सालियान मामले में CBI की नई जांच का दायरा पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा से लेकर संबंधित लोगों के बयान तथा अन्य जांच सामग्री तक बताया गया है। ऐसे में आगे की प्रक्रिया में जांच एजेंसी के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।



