Share Market Closed: सुबह तेजी के बाद बाजार ने गंवाई बढ़त, Nifty 23,350 के नीचे बंद; IT शेयरों पर दबाव
मुंबई, 22 सितंबर 2026। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का कारोबार निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। दिन की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई, लेकिन शुरुआती बढ़त टिक नहीं सकी और कारोबार के आखिरी हिस्से में बिकवाली तेज हो गई। इसके साथ ही Nifty 50 की चार कारोबारी सत्रों से जारी तेजी रुक गई।
कारोबार समाप्त होने पर Sensex 329.91 अंक यानी 0.44% गिरकर 74,529.08 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 85.30 अंक यानी 0.36% टूटकर 23,329 पर आ गया। इस तरह निफ्टी 23,350 के स्तर के नीचे बंद हुआ।
दिलचस्प बात यह है कि बाजार ने सुबह मजबूती दिखाई थी। निफ्टी शुरुआती कारोबार में 23,450 के आसपास पहुंच गया था, लेकिन दिन बढ़ने के साथ IT शेयरों में दबाव और ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली ने तस्वीर बदल दी।
सुबह की तेजी शाम तक क्यों नहीं टिक पाई?
मंगलवार के कारोबार में निवेशकों का ध्यान एक साथ कई संकेतकों पर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में कमी ने शुरुआत में बाजार को सहारा दिया, लेकिन IT शेयरों की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितताओं ने तेजी पर ब्रेक लगाया।
दिन के अंत में बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि बाजार ने शुरुआती बढ़त पूरी तरह गंवा दी। रिपोर्टों के मुताबिक क्लोजिंग ऑक्शन के दौरान भी प्रमुख सूचकांकों में गिरावट बढ़ी।
इससे बाजार की मौजूदा स्थिति का एक महत्वपूर्ण संकेत मिलता है—निवेशक पूरी तरह जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं और सकारात्मक खबरों के बावजूद ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली कर रहे हैं।
IT शेयरों ने बाजार पर डाला दबाव
मंगलवार की गिरावट में IT सेक्टर की भूमिका प्रमुख रही। Reuters के अनुसार Nifty IT इंडेक्स करीब 0.9% नीचे रहा और 16 प्रमुख सेक्टरों में से 14 सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए।
TCS, HCL Technologies, Infosys और अन्य IT शेयरों में कमजोरी ने निफ्टी पर दबाव बढ़ाया। IT कंपनियों के लिए वैश्विक मांग, अमेरिकी अर्थव्यवस्था और टेक्नोलॉजी खर्च से जुड़े संकेत महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में इस सेक्टर में बिकवाली का असर पूरे इंडेक्स पर दिखाई दे सकता है।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल
निफ्टी 50 में Coal India करीब 3.2% चढ़कर प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहा। Eternal, IndiGo और Titan भी बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
दूसरी तरफ Bajaj Finserv, Bajaj Finance, Sun Pharma, Trent और TCS जैसे शेयर दबाव में रहे। मंगलवार को कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में Tata Consumer Products और Nestle India भी शामिल रहे।
इससे पता चलता है कि बाजार में एकसमान बिकवाली नहीं थी। कुछ खास शेयरों और सेक्टरों में खरीदारी बनी रही, जबकि दूसरे हिस्सों में निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
व्यापक बाजार में भी हल्की कमजोरी
मुख्य सूचकांकों के साथ व्यापक बाजार भी मंगलवार को पूरी तरह मजबूती नहीं दिखा सका। Nifty Midcap 100 करीब 0.1% और Nifty Smallcap 100 लगभग 0.2% नीचे बंद हुए।
यह संकेत बताता है कि कमजोरी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट सेंसेक्स और निफ्टी की तुलना में सीमित रही।
कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की नजर
भारतीय शेयर बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमत इस समय महत्वपूर्ण बाहरी कारकों में से एक है। भारत अपनी तेल जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए लंबे समय तक महंगा कच्चा तेल महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है।
मंगलवार को Brent crude करीब $98.9 प्रति बैरल तक आया था, जो पिछले स्तरों से नरमी को दर्शाता है। Reuters के अनुसार ईरान से जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रम और Hormuz Strait को लेकर संभावित परिस्थितियों ने तेल बाजार को प्रभावित किया।
हालांकि तेल की कीमत में एक-दो दिन की गिरावट को स्थायी ट्रेंड मानना जल्दबाजी होगी। बाजार आगे भी मध्य-पूर्व की घटनाओं और वैश्विक तेल आपूर्ति से जुड़े संकेतों पर नजर रखेगा।
विदेशी और घरेलू निवेशकों का रुख भी अहम
मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने करीब ₹576.20 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने करीब ₹2,797.27 करोड़ की खरीदारी की।
यह अंतर भारतीय बाजार में मौजूद दो अलग-अलग धाराओं को दिखाता है। विदेशी निवेशक वैश्विक जोखिम और दूसरे बाजारों में मिलने वाले रिटर्न के आधार पर अपना निवेश बदल सकते हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को कुछ हद तक सहारा दे रही है।
हालांकि किसी एक कारोबारी दिन के आंकड़े से लंबी अवधि की दिशा तय नहीं की जा सकती।
बाजार के लिए आगे कौन से संकेत महत्वपूर्ण होंगे?
आने वाले सत्रों में निवेशकों के लिए कुछ प्रमुख संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे—कच्चे तेल की कीमत, विदेशी निवेशकों का रुख, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, IT कंपनियों की कमाई की उम्मीदें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम।
हाल की तेजी के बाद मंगलवार की गिरावट यह भी बताती है कि बाजार में रिकवरी अभी सीधी रेखा में नहीं चल रही है। सोमवार को निफ्टी ने चार लगातार सत्रों की बढ़त के साथ 23,414.30 पर कारोबार समाप्त किया था।
इसलिए आगे बाजार की दिशा केवल एक दिन की तेजी या गिरावट से तय होने के बजाय इन वैश्विक और घरेलू संकेतकों के संयुक्त प्रभाव से प्रभावित होगी।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
मंगलवार का कारोबार यह दिखाता है कि बाजार में तेजी आने के बावजूद अस्थिरता बनी हुई है। सुबह की मजबूती का शाम तक बरकरार न रहना बताता है कि निवेशक ऊंचे स्तरों पर जोखिम को लेकर सतर्क हैं।
ऐसे माहौल में किसी एक दिन के Sensex या Nifty मूवमेंट को देखकर लंबी अवधि का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अलग-अलग कंपनियों के नतीजे, वैल्यूएशन, सेक्टर की संभावनाएं और निवेशक की जोखिम क्षमता को अलग-अलग देखना जरूरी है।



